रसोई का बजट एक बार फिर दबाव में है और महंगाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्याज से लेकर दाल, मसाले और खाद्य तेल तक कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कांग्रेस (Congress) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 17 सितंबर को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 53.78 रुपये प्रति किलो थी, जबकि एक महीने पहले यह 37.20 रुपये थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने इन बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा है-‘क्या हुआ तेरा वादा?’
'मसालों से लेकर दाल तक की कीमतों में आग'
जयराम रमेश ने 1977 की हिंदी फिल्म 'हम किसी से कम नहीं' के एक मशहूर गाने का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और लिखा, ‘‘क्या हुआ तेरा वादा? वो कसम, वो इरादा?’’उन्होंने दावा किया कि पिछले एक महीने में मसालों के दाम में 10 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
कांग्रेस महासचिव के अनुसार, छोटी इलायची की कीमत 4,000 रुपये से बढ़कर 4,400 रुपये प्रति किलोग्राम, बड़ी इलायची 2,400 रुपये से बढ़कर 2,800 रुपये और जीरा 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। उन्होंने कहा कि जावित्री की कीमत भी 2,500 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
रमेश ने दावा किया कि अरहर दाल की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलोग्राम, चना दाल की 70 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और उड़द की 120 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
उन्होंने कहा कि सरसों तेल की कीमत 190 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति लीटर और सफोला तेल की कीमत 240 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
प्याज की कीमतों का उल्लेख करते हुए रमेश ने दावा किया कि जून से सितंबर के दौरान इसकी अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 53.78 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, यानी करीब 82.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
जयराम रमेश का तीखा हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब परिवारों के लिए दाल और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर महंगाई के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘देश पूछ रहा है कि ‘अच्छे दिन’ कहां गए प्रधानमंत्री जी? सिर्फ प्रवचनों में बचे हैं क्या?’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘जनता भूखी रहे, सरकार चुप रहे…क्या यही है नया भारत?’’
