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JCB ने उत्पादन में रखा मील का नया पत्थर, 130 देशों में करती है निर्यात

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 26, 2024, 10:38 PM IST

JCB सन् 1979 से भारत में है और इसके उत्पाद पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में इस्तेमाल होते हैं। भारत में जेसीबी की 6 विनिर्माण इकाईयां हैं जिनके बल पर कंपनी गर्व के साथ 130 देशों में ’मेड इन इंडिया’ मशीनें निर्यात करती है।

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कंपनी 130 देशों में ’मेड इन इंडिया’ मशीनें निर्यात करती है।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • जेसीबी प्रोडक्शन का नया माइलस्टोन
  • कंपनी ने बना डाले पूरे 5 लाख वाहन
  • 130 देशों में निर्यात करती है कंपनी

JCB 5 Lakh Production: भारत की अग्रणी अर्थमूविंग एवं कंस्ट्रक्शन उपकरण निर्माता जेसीबी इंडिया ने अपने पांच लाखवें कंस्ट्रक्शन उपकरण के निर्माण का जश्न मनाया। जेसीबी सन् 1979 से भारत में है और इसके उत्पाद पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में इस्तेमाल होते हैं। भारत में जेसीबी की 6 विनिर्माण इकाईयां हैं जिनके बल पर कंपनी 130 देशों में ’मेड इन इंडिया’ मशीनें निर्यात करती है। पांच लाखवें कंस्ट्रक्शन उपकरण के तैयार होने का यह जश्न जेसीबी के ग्रुप चेयरमैन लॉर्ड बैमफोर्ड की मौजूदगी में बल्लबगढ़ स्थित कंपनी के भारतीय मुख्यालय में हुआ।

लॉर्ड बैमफोर्ड ने क्या कहा

इस मौके पर लॉर्ड बैमफोर्ड ने कहा, ’’भारत आज दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। बीते दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खास ध्यान दिया गया है और हमें गर्व है की अपनी मशीनों के जरिए हम इस विकास का हिस्सा रहे हैं।’’ उन्होंने आगे कहा, ’’सन् 1979 से हमने भारत में निवेश करना जारी रखा है, तब हमने बल्लबगढ़ में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी। हमारे वैश्विक कारोबार में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है, भारत हमारे सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यह जेसीबी की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी योगदान करता है।’’

दीपक शेट्टी ने क्या कहा

जेसीबी का पांच लाखवां कंस्ट्रक्शन उपकरण एक टेलीहैंडलर है, मैटेरियल हैंडलिंग में काम आने वाली यह एक बहुउपयोगी मशीन है। परम्परागत विकल्पों की तुलना में ऊंचाई पर सुरक्षित व ज्यादा उत्पादक ढंग से मैटेरियल हैंडलिंग का यह क्रांतिकारी नया तरीका है। जेसीबी इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक दीपक शेट्टी ने कहा, ’’यह बहुत सही हुआ कि जेसीबी की फैक्ट्री से निकलने वाली पांच लाखवीं मशीन टेलीहैंडलर है। जब से यह मशीन भारत में पेश की गई है इसने साइट्स पर होने वाले काम को सुरक्षित तथा ज्यादा उत्पादक बना दिया है, और यह मुमकिन हुआ है इसके उत्कृष्ट डिजाइन व इंजीनियरिंग के बल पर।’’

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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