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अब अमेरिका में नहीं मिलेंगी ब्रिटेन में बनी जैगुआर-लैंड रोवर, टैरिफ का हुआ असर?

आयातित कारों पर ट्रंप प्रशासन का 25 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला तीन अप्रैल से लागू हो गया है। इससे पहले जेएलआर ने कहा था कि उसके लक्जरी ब्रांडों की वैश्विक अपील है और उसका व्यवसाय बदलती बाजार स्थितियों का सामना करने का अभ्यस्त है। जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) ब्रांड की अमेरिकी बाजार में गहरी मौजूदगी है।

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अब अमेरिका में नहीं मिलेंगी ब्रिटेन में बनी जैगुआर-लैंड रोवर

Photo : Times Now Digital

Jaguar Land Rover Cars: टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली इकाई जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) ने शुल्क संरचना में बदलाव को ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन में स्थित अपने विनिर्माण संयंत्रों से अमेरिका को वाहनों का निर्यात रोक दिया है। लक्जरी वाहन बनाने वाली जेएलआर के एक प्रवक्ता ने एक बयान में यह जानकारी दी। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका जेएलआर के लक्जरी ब्रांडों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। हम अपने व्यापारिक भागीदारों के साथ नई व्यापारिक शर्तों की दिशा में काम कर रहे हैं। हम अपनी अल्पकालिक कार्रवाइयों को लागू कर रहे हैं, जिसमें अप्रैल में निर्यात खेप रोकना भी शामिल है। हम अपनी मध्यावधि से लेकर दीर्घावधि तक की योजनाएं बना रहे हैं।"

कंपनी की कारों पर टैरिफ

आयातित कारों पर ट्रंप प्रशासन का 25 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला तीन अप्रैल से लागू हो गया है। इससे पहले जेएलआर ने कहा था कि उसके लक्जरी ब्रांडों की वैश्विक अपील है और उसका व्यवसाय बदलती बाजार स्थितियों का सामना करने का अभ्यस्त है। प्रवक्ता ने कहा, "हमारी प्राथमिकताएं अब दुनिया भर में अपने ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने और अमेरिका की नई व्यापारिक शर्तों को संबोधित करने की हैं।"

JLR और अमेरिका का रिश्ता

जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) ब्रांड की अमेरिकी बाजार में गहरी मौजूदगी है। वित्त वर्ष 2024 में जेएलआर की चार लाख से अधिक इकाइयों में से करीब 23 प्रतिशत की बिक्री अमेरिकी बाजार में हुई थी। ये सभी वाहन उसके ब्रिटिश संयंत्र से निर्यात किए गए थे। टाटा मोटर्स ने वर्ष 2008 में फोर्ड मोटर् से जेएलआर का अधिग्रहण किया था।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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