ऑटो न्यूज़

हाइटेक कारों को हाइटेक तरीके से चुराते थे, पुलिस से बचने के लिए करते ये काम

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jul 28, 2023, 07:42 PM IST

दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और मुंबई से करीब 500 से भी ज्यादा कारें चुराने वाले हाइटेक चोर गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम से इस गैंग के ज्यादातर सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।

Image

गैंग काफी बड़ा है और इसने दिल्ली-एनसीआर के अलावा गुजरात और मुंबई से भी गाड़ियां चुराई हैं।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • हाइटेक कार चोर गिरोह बेनकाब
  • ज्यादातर गैंग मेंबर्स हुए गिरफ्तार
  • 500 से ज्यादा कारें चुराने का आरोप

Hi-Tech Car Thieves: बीते कई दिनों ने दिल्ली और आस-पास के इलाकों में कार चोरी की घटनाएं बहुत तेजी से सामने आ रही हैं। इसी पर एक्शन लेते हुए लॉ इन्फोर्समेंट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम से एक हाइटेक कार चोर गैंग के ज्यादातर सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि इस गैंग के लोग कारें चोरी करने के लिए हाइटेक डिवाइसों का इस्तेमाल करते थे, इस डिवाइस की मदद से कार को सुरक्षित रखने वाले कोड्स क्रैक किए जाते हैं। इसके अलावा इंजन कंट्रोल मॉड्यूल के अंदर घुसकर ये कार चुरा लेते थे। ये गैंग काफी बड़ा है और इसने दिल्ली-एनसीआर के अलावा गुजरात और मुंबई से भी गाड़ियां चुराई हैं।

लाखों रुपये की हाइटेक डिवाइस

पुलिस की मानें तो इस गैंग के सभी सदस्य लेटेस्ट टेक और गैजेट्स से लैस होते हैं जिससे इनके लिए कार चोरी करना काफी आसान हो जाता है। इन डिवाइसों की कीमत 30,000 से लेकर लाखों रुपये तक है। आम तौर पर ये तकनीक अधिकृत वर्कशॉप द्वारा एक बैकअप के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं। इनमें गलती से कार के अंदर चाबी छूट जाने, कार अलार्म को ठीक करने और किसी वजह से इंजन सीज होने पर उसे दोबारा शुरू करने का काम किया जाता है।

पुलिस से बचने के लिए ये करते थे

इलाके के एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए ये गैंग कार चोरी करने के बाद जीपीएस बंद करने के लिए जैमर का इस्तेमाल करती थी। ये कार में लगे जीपीएस की तलाश कर उसे बाहर फेंक देते थे और फिर इसे दूसरे ग्राहक को बेच देते थे। पुलिस की जानकारी के हिसाब से ये गैंग 2013 से कारें चोरी कर रही है और अब तक संभवतः 500 से ज्यादा कारें चोरी कर चुकी है। इस गैंग का सरगना नूर मोहम्मद उर्फ रिंकू है जिसका मुख्य साथी चांद मोहम्मद उर्फ चंडाल अभी फरार चल रहा है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

और पढ़ें
End of Article