कृषि

PM-Kisan की 23वीं किस्त जारी, UP के किसानों के खातों में पहुंचे 4352 करोड़ रुपये, आप भी चेक करें अपना बैंक अकाउंट

PM Kisan 23rd Installment : उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि के तौर पर 4,352.40 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे किसानों के सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया।

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किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी (फोटो-AI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 23वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नई किस्त से उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। उनके खातों में 4,352.40 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

2000 रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे गए

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। तब से अब तक करोड़ों किसानों को इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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