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Onion Price Crash: 50 पैसे किलो मिला प्याज का भाव, किसान परेशान, सरकार से की सब्सिडी की मांग

Onion Price Crash: महाराष्ट्र में प्याज किसानों को कीमतों में भारी गिरावट और खेती की बढ़ती लागत से बड़ा नुकसान हो रहा है। किसान 1500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी, MSP और निर्यात प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।

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महाराष्ट्र में प्याज किसानों पर संकट गहराया (तस्वीर-istock)

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Onion Price Crash : महाराष्ट्र में प्याज उगाने वाले किसान (Maharashtra onion farmers) इस समय भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट और खेती की बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा है कि अगर सरकार ने तुरंत मदद नहीं की, तो हजारों किसान आर्थिक तबाही की स्थिति में पहुंच सकते हैं। संघ ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों को राहत देने के लिए प्रति क्विंटल 1,500 रुपये की सब्सिडी दी जाए।

लागत बढ़ी, लेकिन दाम घटे

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले ने बताया कि पिछले कई महीनों से प्याज के बाजार भाव लगातार गिर रहे हैं। दूसरी ओर खेती में इस्तेमाल होने वाले बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, बिजली, परिवहन और भंडारण जैसी जरूरी चीजों की लागत तेजी से बढ़ी है। इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है, जिससे वे कर्ज और नुकसान में डूबते जा रहे हैं।

किसान को 41 बोरे प्याज बेचने पर मिले सिर्फ 519 रुपये

भरत दिघोले ने किसानों की खराब स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि बीड जिले के नेकनूर गांव का एक किसान प्याज के 41 बोरे लेकर सोलापुर बाजार पहुंचा था। लेकिन वहां उसके केवल 20 बोरे ही बिक सके। बिक्री के बाद मजदूरी, कमीशन, बाजार शुल्क, परिवहन और अन्य खर्च काट लिए गए। अंत में किसान के हाथ में केवल 519 रुपये बचे। इस घटना ने किसानों की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।

50 पैसे किलो भाव मिलने पर किसान परेशान

नासिक जिले की सटाना कृषि उपज बाजार समिति में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक किसान को उसकी प्याज की फसल के लिए सिर्फ 50 रुपये प्रति क्विंटल यानी 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला। इतनी कम कीमत मिलने से किसान बेहद परेशान हो गया और उसने बाजार परिसर में ही आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद किसानों में गुस्सा और नाराजगी बढ़ गई है।

कई जगह किसानों का विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले की वैजापुर कृषि उपज बाजार समिति में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है। नाराज किसानों ने बाजार में धरना दिया और प्याज की नीलामी रोक दी। किसानों का कहना है कि लगातार घाटे के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है।

सरकार से क्या मांग कर रहे हैं किसान?

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। संघ का कहना है कि किसानों को तुरंत प्रति क्विंटल 1,500 रुपये की सब्सिडी दी जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। इसके अलावा प्याज के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाने, बाजार समितियों में लगने वाले भारी कमीशन को नियंत्रित करने और किसानों को सीधे बाजार में अपनी उपज बेचने की सुविधा देने की मांग भी की गई है। संघ ने प्याज के लिए गारंटीशुदा न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP घोषित करने की भी मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर MSP तय होगा तो उन्हें कम से कम अपनी लागत के अनुसार उचित दाम मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

भरत दिघोले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने जल्द कोई बड़ा फैसला नहीं लिया, तो किसानों की हालत और खराब हो जाएगी।

आंदोलन की चेतावनी

प्याज उत्पादक संघ ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने जल्द राहत पैकेज और अन्य जरूरी कदमों की घोषणा नहीं की, तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से नुकसान झेल रहे हैं और अब उनके पास संघर्ष के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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