पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और इजराइल, गाजा के मामले पर आमने सामने आ गए हैं। ग्रेटा थनबर्ग नाव के जरिए अन्य कार्यकर्ताओं के साथ राहत समझौता लेकर समुद्र के रास्ते निकल चुकी है और वहीं इजराइल उन्हें रोकने के लिए तैयार दिख रहे हैं।
इजराइल की धमकी
इजराइल के रक्षा मंत्री ने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को ले जा रही राहत सहायता नौका को गाजा पट्टी तक पहुंचने से रोकने की प्रतिबद्धता जताई। रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने रविवार को कहा कि इजराइल किसी को भी फलस्तीनी क्षेत्र पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की अनुमति नहीं देगा, जिसका उद्देश्य हमास को हथियार आयात करने से रोकना है।
मैडलीन नामक नौका पर सवार
ग्रेटा थनबर्ग और 12 अन्य कार्यकर्ता मैडलीन नामक नौका पर सवार हैं। इस नौका का संचालन संचालन फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा किया जाता है।
यह नौका पिछले रविवार को सिसिली से गाजा की समुद्री नाकेबंदी तोड़ने और मानवीय सहायता पहुंचाने के मिशन के साथ रवाना हुई थी। इसका मकसद फलस्तीनी क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट के बारे में दुनिया को जागरूक करना भी है। कार्यकर्ताओं ने कहा था कि उनकी योजना रविवार को ही गाजा के जलक्षेत्र में पहुंचने की है।
पिछले महीने फ्रीडम फ्लोटिला ने की थी कोशिश
हमास पर दबाव बनाने के उद्देश्य से तीन महीने की पूर्ण नाकेबंदी के बाद, इजराइल ने पिछले महीने गाजा में कुछ बुनियादी मदद पहुंचाना शुरू किया, लेकिन मानवीय सहायता में लगे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी और युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो गाजा में भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है। पिछले महीने भी फ्रीडम फ्लोटिला की नौका ने समुद्र के रास्ते गाजा पहुंचने की असफल कोशिश की थी, हालांकि, माल्टा के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पर पहुंचने पर समूह की एक अन्य नौका पर दो ड्रोन की मदद से हमला किया गया, जिससे यह कोशिश नाकाम हो गई। समूह ने इस हमले के लिए इजराइल को दोषी ठहराया। इस हमले में नौका का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
