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कौन हैं ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहिदी,जो बने ईरान के नए कमांडर इन चीफ; कैसे लेंगे अमेरिका से बदला?

इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन के तहत ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में जनरल मोहम्मद पाकपुर समेत ईरान के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया है। इस बीच ईरान को इसका नया कमांडर-इन-चीफ मिल गया है। ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है।

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ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी

मिडिल ईस्ट में तेज होते सैन्य टकराव के बीच ईरान ने अपने सुरक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन के तहत ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में आईआरजीसी के पूर्व मुख्य कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर की मौत के बाद अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कमान ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी के हाथों में सौंपी गई है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष चरम पर है और ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है।

कौन हैं अहमद वाहिदी?

अहमद वाहिदी ईरान के अनुभवी सैन्य और राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं। वे पहले देश के रक्षा मंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं। सुरक्षा प्रतिष्ठान में उनकी पकड़ और रणनीतिक अनुभव के कारण उन्हें लंबे समय से 'सिस्टम इनसाइडर' माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार,वे पिछले कुछ महीनों से अंतरिम भूमिका निभा रहे थे और अब औपचारिक रूप से IRGC की कमान संभाल रहे हैं।

नियुक्ति के पीछे क्या संकेत?

हाल के हमलों में ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है। ऐसे माहौल में नेतृत्व में बदलाव यह संकेत देता है कि तेहरान अब अधिक संगठित और आक्रामक जवाबी रणनीति की तैयारी में है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम “कमान की निरंतरता” और “मोराल बूस्ट” दोनों के लिए जरूरी था।

क्या है IRGC

IRGC ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाइयों में से एक है,जो न केवल घरेलू सुरक्षा बल्कि विदेशों में तेहरान के प्रभाव को बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभाती है। क्षेत्रीय नेटवर्क,मिसाइल कार्यक्रम और ड्रोन क्षमताएं इसी ढांचे का हिस्सा हैं। ऐसे में कमांडर-इन-चीफ का पद महज सैन्य जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक नेतृत्व भी है। यह तेहरान की सुरक्षा रणनीति और क्षेत्रीय ऑपरेशनों का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।

बढ़ती जा रही अमेरिका इजरायल के हमले में मरने वालों की संख्या

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार,दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के एक एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिका-इजरायल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। हमला शनिवार को हुआ था और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्कूल पहले बेस का हिस्सा था,लेकिन सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि दोनों जगहें कम से कम 2016 से अलग हैं।

आईआरजीसी शुरू करने जा रहा हमलों का छठा राउंड

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक,आईआरजीसी का कहना है कि वह ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी का बदला लेने के लिए हमलों का छठा राउंड चला रहा है। आईआरजीसी ने इस इलाके में इजरायल और अमेरिकी मिलिट्री बेस पर “बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन” हमले किए हैं।

उसने कहा कि 27 अमेरिकी बेस,साथ ही इजरायली तेल नोफ एयरबेस,तेल अवीव में हाकिर्या में इजरायली सेना का कमांड हेडक्वार्टर और उसी शहर में एक बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया गया। आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरानी सेना “बदले का एक अलग और कठोर कदम उठाएगी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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