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क्या है 'सुसाइड कैप्सूल'? जिसका कभी नहीं हुआ इस्तेमाल! इस यूरोपीय देश में एक व्यक्ति की मौत से मचा हड़कंप

Switzerland: यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के बाद हड़कंप मच गया। इस सिलसिले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह एक 'सुसाइड कैप्सूल' का मामला है तो चलिए समझते हैं कि आखिर ये क्या होता है।

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स्विट्जरलैंड पुलिस

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • स्विट्जरलैंड में संदिग्ध मौत के कई लोग हिरासत में।
  • 'सुसाइड कैप्सूल' मामले में आपराधिक मामला दर्ज।
  • पहले कभी सार्को का नहीं हुआ इस्तेमाल।

Switzerland: स्विट्जरलैंड पुलिस ने मंगलवार को कहा कि एक नए ‘सुसाइड कैप्सूल’ में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत को लेकर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और इस संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

क्या है 'सुसाइड कैप्सूल'?

‘सुसाइड कैप्सूल’ (सार्को) का पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि इसके अंदर बैठा व्यक्ति एक बटन दबाता है जिससे सीलबंद कक्ष में नाइट्रोजन गैस फैल जाती है। इसके बाद उस व्यक्ति को नींद आ जाएगी और कुछ ही मिनटों में दम घुटने से उसकी मौत हो जाएगी।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि शैफहॉसन कैंटन इलाके में अभियोजकों को एक विधि फर्म ने सूचित किया कि सोमवार को जंगल में बने एक केबिन में ‘सार्को’ कैप्सूल के इस्तेमाल से आत्महत्या की गई। पुलिस ने कहा कि कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और अभियोजकों ने आत्महत्या के लिए उकसाने और सहायता करने के संदेह में जांच शुरू की है।

क्या है पूरा मामला?

डच समाचार पत्र वोक्सक्रांट ने मंगलवार को खबर दी कि पुलिस ने उसके एक फोटोग्राफ़र को हिरासत में लिया है, जो ‘सार्को’ के इस्तेमाल की तस्वीरें लेना चाहता था। उसने कहा कि फोटोग्राफ़र को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, लेकिन उसने आगे और जानकारी नहीं दी। एपी द्वारा संपर्क किए जाने पर अख़बार ने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

किसने बनाया 'सुसाइड कैप्सूल'

नीदरलैंड स्थित आत्महत्या में मदद करने वाले एग्जिट इंटरनेशनल ने कहा है कि उसने ‘3डी-प्रिंटेड’ उपकरण को तैयार किया है और इसे विकसित करने में 10 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का खर्च आया है। एग्जिट इंटरनेशनल से जुड़े प्रशिक्षित डॉक्टर डॉ. फिलिप नित्शके ने एपी को बताया कि उनके संगठन को स्विट्जरलैंड के वकीलों से सलाह मिली है कि देश में ‘सार्को’ का उपयोग कानूनी रूप से वैध होगा।

जुलाई में, समाचार पत्र ब्लिक ने बताया था कि राज्य के एक अभियोजक पीटर स्टिचर ने एग्जिट इंटरनेशनल के वकीलों को लिखा है कि सुसाइड कैप्सूल के किसी भी संचालक को आपराधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है यदि इसका उपयोग वहां किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषसिद्धि के लिए पांच साल तक की जेल हो सकती है।

अन्य स्विस अभियोजकों ने भी संकेत दिया है कि सुसाइड कैप्सूल के उपयोग को लेकर अभियोजन हो सकता है। गर्मियों में कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त 54 वर्षीय एक अमेरिकी महिला ने इस उपकरण का उपयोग करने वाली पहला व्यक्ति बनने की योजना बनाई थी लेकिन इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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