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क्या है पेजर स्ट्राइक? अचानक इतना खतरनाक कैसे हो गया डिवाइस? जानें हर सवाल का जवाब

Lebanon Pager Blast: लेबनान में मंगलवार को एक के बाद एक सैकड़ों धमाकों की वजह से दुनियाभर के लोग पेजर्स को लेकर चिंतित हैं। दरअसल, लेबनान में एक घंटे तक एक के बाद एक पेजर्स में धमाका होता रहा। लेबनान ने सीधेतौर पर इजरायल पर पेजर्स ब्लास्ट का आरोप लगाया।

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लेबनान में फटे पेजर्स

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • एक घंटे तक सुनाई दी विस्फोट की आवाज।
  • पेजर्स ब्लास्ट में कम से कम नौ की मौत।
  • 3000 से ज्यादा लोग हुए घायल।

Lebanon Pager Blast: लेबनान में मंगलवार को लगभग एक घंटे तक सिलसिलेवार धमाकों से पूरी दुनिया हैरान है। हर कोई जानना चाहता है कि इस धमाके के पीछे किसका हाथ है? दरअसल, लेबनान में सैकड़ों पेजर्स में एक के बाद एक धमाके की वजह से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 3000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बता दें कि पेजर्स विस्फोट में घायल हुए लोगों में ज्यादातर हिजब्बुला के लड़ाके शामिल हैं।

सैकड़ों पेजर्स में इतने बड़े पैमाने पर हुए ब्लास्ट से तरह-तरह के सवाल उठने लगे। हिजब्बुला सीधे तौर पर इसके पीछे इजरायल का हाथ बता रहा है, जबकि इजरायल ने अभीतक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि पेजर क्या है और अचानक यह इतना खतरनाक कैसे हो गया?

क्या है पेजर? (What is Pager?)

पेजर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसका पहली बार इस्तेमाल 1950 में न्यूयॉर्क में किया था। उस दौरान इसकी रेंज काफी कम थी, मगर बाद में इसे बढ़ा दिया गया, लेकिन 90 का दशक आते ही पेजर ट्रेंड में आ गया और इसके धड़ाधड़ इस्तेमाल होने लगा। हालांकि, उस दौर में पेजर हर किसी के पास में नहीं होता था, इसका अधिकतर इस्तेमाल बिजनेसमैन, डॉक्टर या कोई बड़ा शख्स ही करता था।

मोबाइल का दौर आया तो दुनिया के अधिकतर देशों में पेजर का उपयोग होना कम हो गया। हालांकि, पिछले कुछ समय में लेबनान में पेजर को लेकर खासा रुचि बढ़ी और हिजबुल्लाह ने संचार के लिए अपने अधिकतर सदस्यों को पेजर दिए, ताकि कम्युनिकेशन आसानी से किया जा सके।

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लेबनान पेजर ब्लास्ट

पेजर ब्लास्ट के पीछे कौन?

लेबनान में सैकड़ों पेजरों में हुए ब्लास्ट के पीछे इजरायल और उसकी खुफिया एजेंसी "मोसाद" (MOSSAD) का हाथ होने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इस तरह का दावा किया कि लेबनान ने जिन पेजरों को ताइवान से मंगवाया था। उन पेजरों को मोसाद ने हैक किया और जब इनको लेबनान पहुंचने के बाद बांटा गया तो उसके बाद मोसाद ने अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया। जिस समय सैकड़ों पेजरों में ब्लास्ट हुए, उस दौरान ये लोगों की जेब में रखा था। ब्लास्ट के वक्त कोई सब्जी खरीद रहा था तो कोई बाहर टहलने के लिए निकला था।

इस सीरियल ब्लास्ट की एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि इजरायल और हमास युद्ध के बाद हिजबुल्लाह ने हमास के समर्थन में इजरायल को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। इसके बाद से ही इजरायल लगातार हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है।

बैटरियों को बनाया गया निशाना?

लेबनान के अल-जदीद टीवी चैनल ने इजरायली सेना पर इन पेजर की बैटरियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बैटरियों को निशाना बनाने की वजह से पेजरों में विस्फोट हुआ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री फिरास अबैद के अनुसार, "इन विस्फोटों में 2,800 से अधिक लोग घायल हुए हैं, इनमें से 200 से अधिक लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि 9 लोग मारे गए हैं।"

लेबनानी मीडिया के अनुसार, "लेबनान में सैकड़ों पेजरों में विस्फोट होने से हिजबुल्लाह के शीर्ष नेता और उनके सलाहकार घायल हो गए।" इस बीच, इजरायली बहुभाषी ऑनलाइन समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इजरायल ने रॉयटर्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पेजर विस्फोटों में हिजबुल्लाह का एक प्रमुख सदस्य हताहतों में से एक है।

(इनपुट: IANS)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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