Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा (Rasuwa) और नुवाकोट (Nuwakot) जिलों में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। इस आपदा ने 1,300 से अधिक लोगों की जान ले ली है, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। हजारों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है और वे बेघर होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार, इस त्रासदी से करीब 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं। नेपाल के शिक्षा मंत्रालय की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 250 छात्र और शिक्षक लापता या संपर्क से बाहर हैं।
मासूमों का दर्द: तीन बच्चों की आपबीती
समीर तमांग
रसुवा जिले के नीलकंठ सेकेंडरी स्कूल के छात्र समीर जब स्कूल पहुंचे, तो भोटेकोशी नदी (Bhotekoshi River) तबाही का रूप ले चुकी थी। समीर तमांग ने बताया, मेरी छोटी बहन के हाथ में चोट लगी थी, इसलिए वह स्कूल नहीं जा सकी। मेरी बड़ी बहन उसकी देखभाल के लिए घर पर ही रुक गई। घर पर मौजूद समीर की 13 वर्षीय बहन प्रिया और 7 वर्षीय बहन पार्वती तब से लापता हैं। बाढ़ में समीर का घर बह गया, पिता सूर्य किसी तरह जान बचाकर भागे, जबकि मां छेसांग कुवैत में काम करती हैं। लाहरेपौवा के शिवालाया बेसिक स्कूल में शरण लिए समीर ने रोते हुए कहा कि मेरी बहनें मेरी सबसे अच्छी दोस्त थीं, बाढ़ ने एक पल में उन्हें मुझसे छीन लिया।
रंजू तमांग
कालिका ग्रामीण नगरपालिका स्थित कालिका हिमालय सेकेंडरी स्कूल की छात्रा रंजू ने इस बाढ़ में अपनी मां, भाई और भतीजे को खो दिया। रंजू के पिता बुद्धिमान की 5 साल पहले मौत हो गई थी। इस बाढ़ में उनकी मां शुभमाया (जो रिश्तेदार के घर गई थीं), बड़ा भाई सूर्यमान, भतीजा ज्ञान बहादुर, चाची थरमेंडो, चाचा ज्ञान बहादुर और उनका 1 साल का बेटा प्रवीण सभी लापता हैं।
आकाश तामांग
रसुवा खलते के रहने वाले 14 साल के आकाश उत्तरगया पब्लिक स्कूल में दोस्तों के साथ खेल रहे थे, तभी उन्होंने मूसलाधार गर्जना के साथ त्रिशूली नदी में बाढ़ आते देखी। आकाश ने बताया कि स्कूल में भगदड़ मच गई और वे जंगल की ओर भागकर अपनी जान बचा पाए। लेकिन दूसरे स्कूल में पढ़ने वाले उनके 8 साल के भाई अश्विन और 11 साल की बहन अनीशा का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
शिक्षा क्षेत्र और स्कूलों पर पड़ा असर नेपाल शिक्षा मंत्रालय के सूचना अधिकारी बीर बहादुर धामी के अनुसार-
- कुल 230 प्रभावित छात्रों में से 213 असंपर्कित/लापता हैं, जबकि 17 छात्र बाढ़ में बह गए हैं।
- 19 लापता शिक्षकों में से 10 बाढ़ में बह गए हैं, जिनमें से 1 शिक्षक का शव बरामद कर लिया गया है।
- कुल 23 स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनमें से 8 नुवाकोट में, 7 रसुवा में और बाकी धादिंग व अन्य जिलों में हैं।
26 अगस्त की भयंकर बाढ़
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में भयानक फ़्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आ गई थी। इस तूफानी पानी ने पुलों, सड़कों, जलविद्युत परियोजनाओं, वाहनों और पूरे-के-पूरे गांवों को बहता हुआ तबाह कर दिया। वर्तमान में सैकड़ों बच्चे अपनों के लौटने का इंतजार करते हुए रसुवा और नुवाकोट के होल्डिंग सेंटर और राहत शिविरों में दिन काट रहे हैं।
