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लेबनान में हुए घातक पेजर विस्फोट की क्या है असल वजह? कैसे फटा Pager; 'मोसाद' पर शक की सुई

Lebanon Pager Blast: लेबनान में पेजर धमाकों की वजह से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 3000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में एक ईरानी राजदूत भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक पेजर्स में हुआ धमाका लगभग एक घंटे तक चला तो चलिए समझते हैं कि आखिर कैसे और क्यों हुआ धमाका?

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लेबनान पेजर्स ब्लास्ट

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • लेबनान में एक के बाद एक फटे पेजर।
  • एक घंटे तक सुनाई दी विस्फोट की आवाज।
  • एक ईरानी राजदूत भी पेजर विस्फोट में हुए घायल।

Lebanon Pager Blast: लेबनान से लेकर सीरिया तक मंगलवार को अचानक सिलसिलेवार धमाके हुए। यह धमाके लगभग एक घंटे तक लोगों की जेब और हाथ में रखे पेजर के फटने की वजह से हुए। इस पेजर ब्लास्ट में हिजबुल्ला समूह के सदस्यों एवं एक लड़की सहित कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 3000 लोग घायल हो गए। घायलों में एक ईरानी राजदूत भी शामिल हैं।

कब और कहां हुए सिलसिलेवार धमाके?

पेजर धमाके इजरायल विरोधी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के गढ़ बेरूत के दक्षिणी उपनगरों दहियाह और पूर्वी बेका घाटी में स्थानीय समयानुसार, दोपहर लगभग 3:30 बजे हुए। लेबनान लगातार इन धमाकों के लिए इजरायल को जिम्मेदार बता रहा है। हालांकि, इजरायल की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पेजर धमाके लगभग एक घंटे तक चले और शाम 4:30 बजे तक विस्फोटों की आवाज सुनाई दी।

अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रायटर के मुताबिक, कुछ धमाके पेजर बजने के बाद हुए जिसके कारण हिजबुल्ला के लड़ाके पेजर को देखने लगे तो कुछ उसकी आवाज को ध्यान से सुनने के लिए पेजर को चेहरे के पास रखा। तभी उसमें धमाका हो गया।

Lebanon_Pager_Blast

लेबनान पेजर्स ब्लास्ट

छोटा धमाका और बड़ा प्रभाव

बकौल रिपोर्ट, इन धमाकों से महज पेजर का इस्तेमाल करने वाले या उनके बेहद नजदीक बैठे व्यक्तियों को ही चोट आई है। इससे जुड़े हुए कई वीडियोज सामने आए हैं। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत इन वीडियोज की पुष्टि नहीं करता है। इन धमाकों की वजह से इमारतों को कोई बड़ी क्षति नहीं पहुंची और न ही कोई आग लगी है, लेकिन हिजब्बुला बौखलाया हुआ है। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से प्रसारित तस्वीरों और वीडियो में लोगों को फुटपाथ पर लेटे हुए दिखाया गया है जिनके हाथों पर या पैंट की जेबों के पास घाव थे।

कैसे फटा पेजर?

हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि समूह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'हैंडहेल्ड पेजर' के नये ब्रांड पहले गर्म हुए, फिर उनमें विस्फोट हो गया।

एक अन्य वरिष्ठ लेबनानी सुरक्षा सूत्र ने रायटर को बताया कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने मंगलवार को हुए विस्फोटों से महीनों पहले लेबनानी समूह हिजबुल्लाह द्वारा ऑर्डर किए गए 5,000 ताइवान निर्मित पेजर्स के अंदर थोड़ी मात्रा में विस्फोटक लगाए थे।

Lebanon Pager Blast

लेबनान पेजर्स ब्लास्ट

किस कंपनी ने बनाए थे पेजर?

लेबनानी सूत्रों ने बताया कि समूह ने ताइवान स्थित गोल्ड अपोलो द्वारा निर्मित पेजर का ऑर्डर दिया था जिसे इस साल की शुरुआत में देश में लाया गया था। विस्फोट हुए एक पेजर की तस्वीर देखकर एक सूत्र ने यह दावा किया। हालांकि, गोल्ड अपोलो के संस्थापक ने दावा किया कंपनी ने इन पेजर्स को नहीं बनाया था। इन पेजर्स को यूरोप की एक कंपनी ने बनाया था, जिस पर ताइवानी कंपनी ने अपनी ब्रांडिंग की।

पेजर्स में क्यों हुआ विस्फोट? (What Caused the Pagers to Explode?)

इन धमाकों के बाद हिजबुल्लाह पेजर्स की जांच में जुटा हुआ है। राजनयिक और सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि संभवत: पेजर्स बैटरियों के अत्यधिक गर्म होने की वजह से पेजर फटे होंगे, जबकि कुछ कुछ सीधेतौर पर इजरायल पर आरोप लगा रहे हैं। रायटर से बात करने वाले विशेषज्ञों ने कहा कि उन्हें संदेह है कि अकेले बैटरी ही विस्फोटों के लिए पर्याप्त होगी।

वहीं, एक हिजबुल्ला अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर एसोसिएट प्रेस को बताया कि हिजबुल्ला के सदस्यों के पास जो नये पेजर थे, उनमें लिथियम बैटरी थी, जो संभवत: फट गई।

ज्यादा गर्म होने पर फट सकती है बैटरी

लिथियम बैटरी जब ज़्यादा गरम हो जाती है, तो धुआं छोड़ती है, पिघलती है और यहां तक कि उसमें आग भी लग जाती है। रिचार्जेबल लिथियम बैटरी का इस्तेमाल सेलफ़ोन और लैपटॉप से लेकर इलेक्ट्रिक कारों तक में किया जाता है। यह घटना लेबनान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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