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'हम जीत गए हैं; उन्हें ऐसी किसी चीज की उम्मीद नहीं थी'...ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का दावा

ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के अपने एक तर्क के विपरीत ट्रंप ने कहा कि पिछली गर्मियों के हमलों के बाद ईरान के पास परमाणु क्षमता नहीं थी। ट्रंप ने अपनी रैली में कहा कि हमने इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उनके पास परमाणु क्षमता नहीं है।

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ट्रंप बोले, हमने युद्ध जीत लिया

Trump on Iran War: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया है और कहा कि तेहरान को इस तरह की किसी चीज की उम्मीद नहीं थी। केंटकी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका है, लेकिन उन्होंने काम पूरा करने का वादा किया। राष्ट्रपति ने कहा, हम जल्दी वापस नहीं जाना चाहते, है ना? हमें काम पूरा करना ही होगा।

कहा- ईरान के 58 नौसैनिक जहाजों को बर्बाद किया

उन्होंने कहा, उन्हें (ईरान) पता ही नहीं चला कि उन पर क्या आफत आई है। उन पर अमेरिकी सेना ने हमला किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने 58 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया और ईरान की वायु सेना को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, हम कभी भी जल्दबाजी में यह नहीं कहना चाहते कि हम जीत गए। हम जीत गए हैं।

साथ ही, युद्ध छेड़ने के अपने एक तर्क के विपरीत ट्रंप ने कहा कि पिछली गर्मियों के हमलों के बाद ईरान के पास परमाणु क्षमता नहीं थी। ट्रंप ने अपनी रैली में कहा कि हमने इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उनके पास परमाणु क्षमता नहीं है। लेकिन कुछ ही क्षण बाद उन्होंने बिना कोई विशिष्ट विवरण दिए कहा कि ईरान ने फिर से शुरुआत कर दी है।

ट्रंप ने कहा, इसीलिए तो हमें इसे खत्म करना होगा, है ना? हम हर दो साल में फिर से वही स्थिति नहीं चाहते। ट्रंप और उनके प्रशासन के अन्य लोगों ने ईरान पर हमलों को सही ठहराते हुए कहा है कि देश परमाणु हथियार बनाने से कुछ ही सप्ताह दूर था, जबकि उन्होंने दावा किया था कि पिछली गर्मियों के हमलों ने कार्यक्रम को नष्ट कर दिया था।

ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' नाम क्यों दिया?

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध को ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' नाम क्यों दिया। अमेरिका ने "एपिक फ्यूरी" नामक अभियान के तहत ईरान पर सैन्य हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई आतंकवादी शासन से पैदा खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस अभियान के लिए यह नाम उन 20 नामों में से चुना जो अमेरिकी सैन्य जनरलों ने उनके सामने प्रस्तुत किए थे।

ट्रंप ने बताया कि कैसे अधिकारियों ने उन्हें हमले के लिए संभावित नामों की एक सूची प्रस्तुत की, मैंने 'एपिक फ्यूरी' देखा और कहा, मुझे यह नाम पसंद है। उन्होंने आगे कहा, उन्होंने मुझे लगभग 20 नाम दिए, और मुझे नींद आने लगी, मुझे उनमें से कोई भी पसंद नहीं आया। फिर मैंने एपिक फ्यूरी देखा। मैंने कहा, मुझे यह नाम पसंद है। मुझे यह नाम पसंद है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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