US Minuteman III Missile Launch: दुनिया की दो सबसे बड़ी सैन्य ताकतों रूस और अमेरिका के बीच एक बार फिर मिसाइल शक्ति प्रदर्शन चर्चा में है। रूस पहले ही अपनी नई RS-28 Sarmat मिसाइल का परीक्षण कर चुका है, जबकि अब अमेरिका अपनी Minuteman-III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का टेस्ट करने जा रहा है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में Sarmat मिसाइल को 'दुनिया की सबसे शक्तिशाली और खतरनाक मिसाइल' बताया था। रूस का दावा है कि यह मिसाइल हजारों किलोमीटर दूर तक परमाणु हमला करने में सक्षम है और आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी रेंज करीब 18,000 से 35,000 किलोमीटर तक बताई जा रही है।
Sarmat को पश्चिमी देशों में 'Satan-II' नाम से भी जाना जाता है। यह भारी परमाणु हथियार ले जाने वाली रूस की नई पीढ़ी की ICBM मिसाइल मानी जा रही है। रूस ने इसे अपने पुराने सोवियत दौर के मिसाइल सिस्टम की जगह तैयार किया है।
अमेरिका आज लॉन्च करेगा परमाणु मिसाइल मिनटमैन-3 का टेस्ट
अमेरिका आज परमाणु मिसाइल टेस्ट करेगा। कैलिफोर्निया से मिनटमैन-3 का टेस्ट किया जाएगा। वहीं, यहां ये बड़ी बात है कि हाल ही में रूस ने ऐसा टेस्ट किया और अब अमेरिका। हमने ऊपर रूस की बात की। बात अमेरिका की करें तो Minuteman-III अमेरिका की परमाणु ताकत का अहम हिस्सा मानी जाती है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह टेस्ट पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा है और इसका मकसद मिसाइल सिस्टम की विश्वसनीयता और तैयारी जांचना है।
Minuteman-III एक लंबी दूरी की परमाणु क्षमता वाली मिसाइल है, जिसकी रेंज 13,000 किलोमीटर से ज्यादा बताई जाती है। यह अमेरिका की 'nuclear triad' यानी जमीन, समुद्र और हवा से परमाणु हमला करने वाली रणनीति का अहम हिस्सा है।
बता दें कि रूस-यूक्रेन के बीच ये सॉफ्ट युद्ध, NATO तनाव और वैश्विक सुरक्षा चिंताओं के बीच दोनों महाशक्तियों के ये मिसाइल परीक्षण दुनिया की चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह केवल सैन्य टेस्ट नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति प्रदर्शन का संदेश भी है।
रूस ने बैलिस्टिक, क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण का अभ्यास किया
वहीं, रूस ने मंगलवार को अपनी परमाणु शक्तियों की व्यापक आजमाइश शुरू की, जिसमें परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण का अभ्यास भी शामिल है। यह कवायद तब शुरू की गई, जब यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों में तेजी आई है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि तीन दिवसीय अभ्यास में 64,000 सैनिक, 200 से अधिक मिसाइल प्रक्षेपण यंत्र, 140 से अधिक विमान, 73 युद्धपोत और 13 पनडुब्बियां शामिल होंगी, जिनमें से आठ परमाणु-युक्त अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल से लैस हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इन सैन्य अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य हमले के खतरे की स्थिति में तैयारियों को पूरा रखना होगा। उसने कहा कि इन अभ्यासों में बेलारूस के साथ अभ्यास भी किया जाएगा, जो रूस का पड़ोसी और सहयोगी देश है।
बेलारूस में रूसी शस्त्रागार में उसकी नवीनतम मध्यम दूरी की परमाणु-सक्षम ओरेश्निक मिसाइल प्रणाली शामिल है। ये सैन्य अभ्यास तब किए जा रहे हैं, जब यूक्रेन ने रूस के खिलाफ ड्रोन हमले काफी तेज कर दिए हैं, जिसमें सप्ताहांत में मॉस्को के बाहरी इलाकों पर किया गया हमला भी शामिल है। इस हमले में तीन लोग मारे गए थे और कई इमारतों एवं औद्योगिक ढांचों को नुकसान पहुंचा था।
