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अटलांटिक महासागर में जंग की आहट: US ने जब्त किया रूसी झंडा लगा तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’; मॉस्को ने भी उतार दी थी सबमरीन!

अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब पश्चिमी देशों को आशंका है कि रूस प्रतिबंधों से बचने के लिए वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें वेनेजुएला जैसे देशों के साथ बढ़ता तेल व्यापार भी शामिल है।

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अमेरिका ने जब्त किया रूसी झंडा लगा तेल टैंकर। फोटो- X/@US_EUCOM

वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद अब अटलांटिक सागर में अमेरिका ने रूसी झंड़ा लगे एक तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया है। अमेरिकी नेवी करीब दो सप्ताह से इस तेल टैंकर का पीछा कर रहा था। यह कार्रवाई उन खबरों के बीच हुई है कि जिनमें कहा गया था कि रूस ने भी इस तेल टैंकर की सुरक्षा के लिए नौसैनिक बलों और सबमरीन्स को तैनात किया था। अमेरिकी सेना के यूरोपीय कमान ने X पर एक बयान जारी कर इस ऑपरेशन की पुष्टि की। इसमें कहा गया कि न्याय विभाग, गृह सुरक्षा विभाग और रक्षा विभाग ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए टैंकर को जब्त कर लिया है।

अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने जारी किया बयान

अमेरिकी यूरोपीय कमांड (EUCOM) ने सोशल मीडिया मंच X पर बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई न्याय विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और रक्षा विभाग के समन्वय से की गई। बयान के मुताबिक, टैंकर को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उन जहाजों के खिलाफ है जो पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बनते हैं।

रूस की एस्कॉर्ट कोशिश, लेकिन टकराव टला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पिछले दो हफ्तों से इस जहाज की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। इस बीच यह भी खबरें आईं कि मॉस्को ने जहाज की सुरक्षा के लिए नौसैनिक एस्कॉर्ट तैनात करने की कोशिश की। हालांकि, द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जब अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने टैंकर पर चढ़ाई की, तब आसपास कोई रूसी पोत मौजूद नहीं था, जिससे संभावित टकराव टल गया।

पहले था बेला-1 नाम फिर ऐसे दिया अमेरिका को चकमा

बता दें कि इस जहाज का मूल नाम बेला-1 था। यह वेनेजुएला से जुड़ी तेल आपूर्ति श्रृंखला में शैडो फ्लीट के तौर पर काम करता था। 2024 में अमेरिका ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद इसने अपना अपना नाम बदलकर मैरिनेरा कर लिया और क्रू ने जहाज़ पर रूसी झंडा पेंट कर दिया तथा इसे रूसी शिपिंग रजिस्टर में शामिल कराया।

दो सप्ताह से पीछे पड़ा था अमेरिका

अमेरिका ने हालिया कार्रवाई तब की जब यह ईरान से वेनेजुएला जा रहा था। जब वेनेजुएला के जलक्षेत्र के पास संचालित प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त करने के लिए अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया तो उससे बचने की कोशिश में इसने अपना रास्ता बदल लिया और अटलांटिक महासागर की ओर वापस लौट गया। दिसंबर में यूएस कोस्ट गार्ड ने इसे कैरिबियन सागर में रोकने की कोशिश की थी, लेकिन क्रू ने इसका विरोध किया और जहाज़ ने यूएस ब्लॉकेड को टालते हुए उत्तर की ओर रास्ता बदल दिया। वहीं, चूंकि यह तेल टैंकर रूसी शिपिंग रजिस्टर में भी दर्ज हो चुका था, इसलिए जब अमेरिका ने इसका पीछा किया तो रूस ने भी इसका विरोध किया और जहाज को एस्कॉर्ट किया।

इराक-वेनेजुएला-चीन के बीच तेल सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा

टैंकर का इराक-वेनेजुएला-चीन के बीच तेल सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा होना माना जा रहा है। अमेरिका पिछले महीनों में वेनेजुएला से तेल निर्यात पर सख्ती बढ़ा रहा है, जिसे वह वैधानिक रूप से प्रतिबंधित मानता है, और अब इसी नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। पश्चिमी एजेंसियों को संदेह है कि कुछ टैंकर वेनेजुएला के बंदरगाहों से शिपमेंट, री-रूटिंग या शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए तेल की उत्पत्ति छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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