ट्रंप ने ईरान को धमकाया
ट्रंप ने सोशल मीडिया 'ट्रूथ' पर एक पोस्ट में कहा कि हमें पता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता कहां छिपे हैं। वह आसान लक्ष्य हैं, लेकिन सुरक्षित हैं- हम उन्हें अभी नहीं मारना चाहते हैं। साथ ही ट्रंप ने कहा कि हमारा धैर्य समाप्त हो रहा है और हम नहीं चाहते हैं कि नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइलें दागी जाएं।
ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने का अनुरोध किया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच पांच दिन से जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
'ईरान के भूमिगत परमाणु स्थल क्षतिग्रस्त'
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने मंगलवार को कहा कि उसका मानना है कि ईरान के नतांज संवर्धन स्थल पर इजराइल के हवाई हमलों का वहां के भूमिगत सेंट्रीफ्यूज हॉल पर “प्रत्यक्ष प्रभाव” पड़ा है। यूरेनियम संवर्धन के लिए उपयोग किए जाने वाले सेंट्रीफ्यूज को रखने के वास्ते बनाए गए भूमिगत स्थल को ‘सेंट्रीफ्यूज हॉल’ कहा जाता है।
'ईरान नहीं बना रहा है परमाणु हथियार'
तुलसी गबार्ड ने इस वर्ष की शुरुआत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के समक्ष गवाही देते समय कोई संदेह नहीं छोड़ा था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने सांसदों को बताया कि देश (ईरान) परमाणु हथियार नहीं बना रहा है तथा इसके सर्वोच्च नेता ने स्थगित किये जा चुके कार्यक्रम को पुनः मंजूरी नहीं दी है।
लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को खारिज कर दिया। ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 'जी 7' शिखर सम्मेलन के अपने दौरे में कटौती की है। ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे परवाह नहीं है कि उन्होंने क्या कहा।’’
