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US का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट, पास हुआ $1.15 ट्रिलियन का प्रस्ताव, इसका कारण सिर्फ ईरान नहीं, असल वजह जानें?

Trump Defense Spending War With Iran: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रिकॉर्ड $1.15 ट्रिलियन का रक्षा बिल पास किया। चीन के दबदबे, ईरान युद्ध और रूस की चुनौतियों से निपटने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट।

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US का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट, पास हुआ $1.15 ट्रिलियन का प्रस्ताव, इसका कारण सिर्फ ईरान नहीं, असल वजह जानें?

US Defense Budget 1.15 Trillion Dollar: वैश्विक स्तर पर गहराते युद्ध और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने देश के इतिहास का सबसे बड़ा $1.15 ट्रिलियन (95 अरब डॉलर) का रक्षा नीति विधेयक 'नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट' (NDAA) पारित कर दिया है।

216 बनाम 212 वोटों के मामूली अंतर से पारित हुआ यह ऐतिहासिक बजट दर्शाता है कि वाशिंगटन की रक्षा प्राथमिकताएं अब केवल एक सीमित युद्ध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे चीन, रूस और ईरान से एक साथ मिलने वाली चुनौतियों तथा ड्रोन व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बदलती युद्ध नीति से निपटने के लिए तैयार हो रही हैं।

चीन बना सबसे बड़ी दीर्घकालिक चुनौती

भले ही अमेरिका वर्तमान में मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ युद्ध में सीधे तौर पर उलझा हुआ है, लेकिन पेंटागन (अमरीकी रक्षा मंत्रालय) के लिए चीन अभी भी सबसे बड़ा 'पेसिंग चैलेंज' बना हुआ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को पछाड़ने की रणनीति बनाई गई है। बीजिंग द्वारा ताइवान के पास सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी, हाइपरसोनिक मिसाइलों और आधुनिक नौसेना के विस्तार को देखते हुए अमेरिका ने लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु पनडुब्बियों के निर्माण में भारी फंड आवंटित किया है। इसके अलावा अमेरिका ने भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ रक्षा सहयोग और तकनीक साझाकरण को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाने का फैसला किया है।

चीन को रोकने की रणनीति

चीन को रोकने की रणनीति

ईरान युद्ध और घटते हथियार भंडार

ईरान के खिलाफ जारी सीधी सैन्य कार्रवाई और इजराइल की सुरक्षा के लिए तैनात अमरीकी बेड़ों के कारण अमरीकी हथियारों का खजाना तेजी से खाली हुआ है।

ईरान युद्ध से उपजे बजटीय दबाव:

हथियार भंडार की भरपाई: इस भारी-भरकम बजट का एक बड़ा हिस्सा ईरान युद्ध में इस्तेमाल हुए प्रेसिजन-गाइडेड म्यूनिशन (सटीक मिसाइलों) और वायु रक्षा इंटरसेप्टरों के घटते स्टॉक को फिर से भरने में खर्च होगा।

'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महात्वाकांक्षी परियोजना 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम के निर्माण के लिए अरबों डॉलर मंजूर किए गए हैं, जो इजरायल के 'आयरन डोम' की तर्ज पर अमेरिका की मुख्य भूमि को दुश्मन मिसाइलों से सुरक्षा प्रदान करेगा।

आधुनिक तकनीक पर अभूतपूर्व निवेश

यह रक्षा बजट पारंपरिक टैंकों और लड़ाकू विमानों से आगे बढ़कर आधुनिक युद्ध पद्धतियों पर केंद्रित है। यूक्रेन और मध्य पूर्व के युद्धों से सबक लेते हुए स्वायत्त ड्रोनों, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष-आधारित निगरानी प्रणालियों पर भारी खर्च की योजना बनाई गई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लाए गए इस बिल में अमरीकी सैनिकों के वेतन में 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान शामिल किया गया है। बता दें कि राजनीतिक विरोध और ईरान युद्ध को लेकर उठते सवालों के बावजूद, इस बजट का पारित होना यह स्पष्ट संकेत देता है कि अमेरिका भविष्य के बहु-मोर्चे वाले युद्धों के लिए खुद को लंबी रणनीतिक रेस में बनाए रखना चाहता है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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