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'पतन के कगार पर 'ईरान, कर रहा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' खोलने का अनुरोध...' ट्रंप ने किया दावा

Trump on Iran: ट्रंप का एक नया दावा सामने आया है, उनका कहना है कि तेहरान ने व्हाइट हाउस से 'होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अनुरोध किया है।उन्होंने ट्रुथ पर लिखा कि 'ईरान पतन की कगार पर' है।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

Trump on Iran: US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान 'पतन की कगार पर' है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान ने व्हाइट हाउस से 'होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अनुरोध किया है। ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में आया है जब US और ईरान के बीच बातचीत अभी भी ठप है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान 'पतन के कगार पर' है और अब वह अमेरिका से आग्रह कर रहा है कि वह जल्द से जल्द 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोल दे।

'इस विषय पर चर्चा हुई है'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ बैठक कर ईरान के उस प्रस्ताव पर चर्चा की, जिसमें वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कही गई है।व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस विषय पर चर्चा हुई है, लेकिन वह बैठक के नतीजे को लेकर अभी कुछ कहना नहीं चाहतीं।

'इस मुद्दे पर राष्ट्रपति जल्द ही स्वयं जानकारी देंगे'

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राष्ट्रपति जल्द ही स्वयं जानकारी देंगे।इससे पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'फॉक्स न्यूज' से कहा कि ईरानी वार्ताकार समझौते को लेकर गंभीर हैं, लेकिन वे इसके लिए और समय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। रूबियो ने कहा कि ईरान अपनी मौजूदा परिस्थितियों से बाहर निकलना चाहता है और इसी दिशा में बातचीत जारी है।

'हमारे लिए, यह अभी भी युद्ध जैसी स्थिति है' बोले ईरान के सेना प्रवक्ता

ईरान के लिए, 'यह अभी भी युद्ध जैसी स्थिति है और लगातार निगरानी... और चौकसी की जा रही है,' ईरान की IRGC से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने सेना के एक प्रवक्ता के हवाले से यह बात कही। 'अगर दुश्मन कोई नई कार्रवाई करता है, तो उसे नए औजारों, तरीकों और मोर्चों का सामना करना पड़ेगा।'

'अमेरिका और ईरान के अधिकारी फोन पर बात कर सकते हैं'

अभी दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज चैनल' पर एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया।उन्होंने कहा, ’’हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं।’’

...तेहरान के शीर्ष राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गये थे

शनिवार को वार्ता तब विफल होती दिखी, जब तेहरान के शीर्ष राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गये थे। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दूतों को इस्लामाबाद की यात्रा न करने के लिए कहा था।उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से 'बहुत, बहुत निराश' हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस गठबंधन से अलग होने पर विचार कर सकता है, क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद उनकी मदद की अपील को नजरअंदाज कर दिया। ट्रंप ने कहा, 'हम कई वर्षों से उनकी मदद कर रहे हैं, खरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, और जब हमें उनकी मदद चाहिए थी तो वे मौजूद नहीं थे, इसलिए हमें यह बात याद रखनी होगी।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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