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'नए सुप्रीम लीडर को लेना होगा अमेरिका का अप्रूवल, नहीं तो...'; ट्रंप ने ईरान को दी खुली धमकी

ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चयन की अटकलों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि अगर ईरान ने बिना मेरी अनुमति के अगला सुप्रीम लीडर तय किया तो वह वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा।

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डोनाल्ड ट्रंप

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने नए सुप्रीम लीडर के नाम तय कर लिया है। इन दावों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान का अगला सुप्रीम लीडर अमेरिका की मंजूरी के बिना चुना गया,तो वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा।

ABC News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि नए सुप्रीम लीडर के नाम पर ईरान को हमसे मंजूरी लेनी होगी। अगर उसे हमारी मंजूरी नहीं मिलती है तो वह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका चाहता है कि भविष्य में हर कुछ वर्षों में फिर से ऐसी स्थिति पैदा न हो।

उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि हर 10 साल बाद फिर यही समस्या सामने आए,खासकर जब आपके पास मेरे जैसा राष्ट्रपति न हो जो कार्रवाई कर सके। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि आने वाले वर्षों में फिर इसी तरह की स्थिति बने या ईरान परमाणु हथियार हासिल कर ले।

इससे पहले, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य अयातुल्ला मोहसिन हेदरी अलेकासिर ने कहा था कि नए सुप्रीम लीडर के लिए एक उम्मीदवार का चयन कर लिया गया है। नूरन्यूज द्वारा जारी एक वीडियो में हेदरी अलेकासिर ने कहा कि खामेनेई की सलाह के अनुसार ऐसे व्यक्ति को चुना जाना चाहिए जो “दुश्मनों के लिए अस्वीकार्य” हो। उन्होंने कहा कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बहुमत द्वारा अनुमोदित सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तय कर लिया गया है।

हेदरी अलेकासिर ने यह भी कहा कि यहां तक कि अमेरिका ने भी उसके नाम का उल्लेख किया है। उनका इशारा अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की ओर माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के लिए “अस्वीकार्य विकल्प” बताया था।

बीते पांच दशक में ईरान में हुए केवल दो ही सुप्रीम लीडर

ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा किया जाता है। पिछले करीब पांच दशकों में ईरान में केवल दो ही सुप्रीम लीडर रहे हैं आयातुल्ला रुहोल्लाह खोमेनी और अयातुल्ला अली खामेनेई। खामेनेई ने करीब 37 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया। उनकी मौत के बाद अब देश में सत्ता के नए केंद्र को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलचल तेज हो गई है।

28 फरवरी को हुई थी खामेनेई की मौत

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा तेहरान पर किए गए हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं को भी निशाना बनाया गया था। बताया गया कि उस हमले में मोजतबा खामेनेई बच गए थे।

इजराइल ने भी दी चेतावनी

इसी बीच इजराइल ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर को भी निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इजराइली सेना ने कहा कि वह खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया से जुड़े किसी भी व्यक्ति का पीछा कर सकती है।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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