PoJK Rawalakot Clashes: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है और वहां गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। रावलकोट के मटियालमीरा बस टर्मिनल पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अचानक फायरिंग शुरू कर की। रिपोर्ट के मुताबिक, PoJK के रावलाकोट में फिर से झड़पें शुरू हो गई हैं, जहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रावलाकोट के मटियालमीरा बस टर्मिनल पर चल रहे धरने के खिलाफ नई कार्रवाई शुरू की।
इस हिंसक कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई सीधी फायरिंग में मटियालमीरा के एक होनहार और उभरते युवा क्रिकेटर वाजिद हयात (Wajid Hayat) की गोली लगने से मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस शहादत के बाद पूरे पीओजेके में पाकिस्तान विरोधी गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
सड़कों पर उतरे बच्चे और महिलाएं
पीओजेके में यह अभूतपूर्व नागरिक अशांति सोमवार, 13 जुलाई को उस समय एक नए मोड़ पर पहुंच गई, जब सरकार और आंदोलनकारी नेताओं के बीच सर्वोच्च स्तर पर चल रही बातचीत पूरी तरह टूट गई। वार्ता विफल होने के बाद पूरे इलाके में प्रो-पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ जनविद्रोह शुरू हो गया है।
स्थानीय मीडिया सेंसरशिप के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो गवाही दे रहे हैं कि इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर बुनियादी अधिकारों और आर्थिक राहत (महंगाई के खिलाफ) की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं।
बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी, आटे की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण जनता पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रही थी, जिसे दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने बल प्रयोग किया है।
15 जुलाई को मुजफ्फरबाद 'लॉन्ग मार्च' की तैयारी
क्रिकेटर वाजिद हयात की मौत और सेना की बर्बरता के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) ने सीधे तौर पर इस्लामाबाद और स्थानीय कठपुतली सरकार के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है।
राजधानी कूच का आह्वान: जेएएसी (JAAC) ने घोषणा की है कि बुधवार, 15 जुलाई को पूरे PoJK से राजधानी मुजफ्फरबाद के लिए एक ऐतिहासिक 'लॉन्ग मार्च' (Long March) निकाला जाएगा।
हाईवे ब्लॉक करने की चेतावनी: नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि दशकों के आर्थिक शोषण और भेदभाव के बाद अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। वे सभी प्रमुख राजमार्गों को बंद कर पूरे मुजफ्फरबाद शहर और सरकारी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर देंगे।
बदहाल PoJK में क्यों भड़की चिंगारी?
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की खुद की डूबती अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा असर पीओजेके के नागरिकों पर पड़ रहा है। यहां टैक्स और महंगाई आसमान छू रही है, जबकि स्थानीय संसाधनों का फायदा केवल पाकिस्तान की सेना उठा रही है। रावलकोट में हुए इस ताजा खूनखराबे और युवा क्रिकेटर की मौत ने आग में घी डालने का काम किया है। अब 15 जुलाई को होने वाले लॉन्ग मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना बड़े पैमाने पर कर्फ्यू और इंटरनेट पाबंदी लगा सकती है, जिससे आने वाले दिनों में यहां टकराव और ज्यादा खूनी होने की आशंका है।
