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बीकानेर PBM हॉस्पिटल मामला : एक और प्रसूता की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर तीन; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल में तीसरी प्रसूता की मौत हो गई है। यह तीसरी सिजेरियन डिलीवरी थी और अस्पताल में भर्ती होने के समय से ही उसकी हालत बेहद गंभीर थी।

बीकानेर : राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में एक और दुखद घटनाक्रम सामने आया है। प्रभावित छह प्रसूताओं में शामिल कमला की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इसके साथ ही इस प्रकरण में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले प्रीति और शारदा नायक की मौत हो चुकी है। वहीं 5 जुलाई को प्रसूता लीला की भी मृत्यु हुई थी, हालांकि वह उन छह प्रभावित महिलाओं में शामिल नहीं थी।

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कमला की मौत को संक्रमण (इन्फेक्शन) से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, कमला की यह तीसरी सिजेरियन डिलीवरी थी और अस्पताल में भर्ती होने के समय से ही उसकी हालत बेहद गंभीर थी। वह किडनी संक्रमण समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी और पिछले करीब 40 दिनों से उसका इलाज चल रहा था।

मेडिकल बोर्ड का गठन

गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल में छह प्रसूताओं की एक साथ तबीयत बिगड़ने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। घटना की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने भी अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। इससे पहले कोटा, बीकानेर और बाद में जोधपुर में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कमला पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थी, लेकिन परिजनों का कहना है कि वह अपने गांव किंतु से सामान्य स्थिति में बस से डिलीवरी के लिए पीबीएम अस्पताल पहुंची थी। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान उसकी किडनी फेल हो गई और अस्पताल प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद उचित ध्यान नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, पिछले एक महीने में कमला की 19 से अधिक बार डायलिसिस करनी पड़ी।

इस बीच कांग्रेस नेता रामनिवास कूकना ने पूरे मामले में चिकित्सा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में पीड़िता के साथ बदसलूकी की गई और मोर्चरी में शव रखने के दौरान पुलिस व प्रशासन ने परिजनों के साथ अनुचित व्यवहार किया। कूकना ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और परिवार की मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक कमला का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अस्पताल प्रशासन व परिजनों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमार author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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