पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और मानव संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग के उद्देश्य से अपने नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्रों के संचालन का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंप दिया है। रेलवे के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।अधिकारी के मुताबिक रतलाम मंडल इस व्यवस्था को लागू करने वाला पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन गया है।
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा और डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के रेलवे स्टेशनों पर स्थित पूछताछ केंद्रों का संचालन 20 जुलाई से हैदराबाद की मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा चौबीसों घंटे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस ठेके के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और निजी कंपनी का चयन कर कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
यात्री सहायता और संबंधित प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है
कुमार ने बताया कि नयी व्यवस्था की शुरुआत से पहले, कंपनी के कर्मचारियों को रेलवे के पूछताछ केंद्रों के संचालन, यात्री सहायता और संबंधित प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया, 'वर्तमान में रतलाम मंडल के नौ रेलवे स्टेशनों के पूछताछ केंद्रों पर टिकट चेकिंग और टिकट आरक्षण संवर्गों के कुल 37 रेल कर्मचारी कार्यरत हैं।' कुमार ने बताया कि खासकर टिकट चेकिंग संवर्ग में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण इन कर्मचारियों की आवश्यकता ट्रेनों और टिकट जांच संबंधी कार्यों में महसूस की जा रही थी और इसके मद्देनजर मंडल प्रशासन ने पूछताछ केंद्रों के संचालन का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपने का निर्णय लिया।
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उन्होंने कहा, 'नयी व्यवस्था लागू होने से टिकट चेकिंग और टिकट आरक्षण संवर्गों के कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों से जुड़े कार्यों में लगाया जा सकेगा।' कुमार ने बताया कि फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के लिए लागू की जा रही है और इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे आगे जारी रखने पर विचार किया जाएगा।
