ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को जंग के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ट्रंप ने बातचीत की मेज पर बमबारी कर दिया। दरअसल रविवार को ट्रंप ने फिर से ईरान के साथ बातचीत करने के संकेत दिए थे, जिसके बाद ईरान की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन से काफी नुकसान पहुंचा है और उसने अपना सर्वोच्च लीडर खो दिया है। कई कमांडर और नेता मारे जा चुके हैं।
“समझौता पहुंच के भीतर था”
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को पटरी से उतारने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परमाणु समझौता “करीब” था, लेकिन अमेरिकी हमलों ने बातचीत की मेज को ही “बम से उड़ा दिया।” अराघची ने कहा कि जिनेवा में हुई हालिया वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी थी। “समझौता पहुंच के भीतर था। हम जिनेवा से इस समझ के साथ लौटे थे कि अगली बैठक में इसे अंतिम रूप दे देंगे,” उन्होंने कहा।
लेकिन उनके मुताबिक, कूटनीति को विफल करने की कोशिश करने वाले अपने मकसद में कामयाब रहे। उन्होंने सीधे तौर पर Donald Trump पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वार्ता के बीच हमले का आदेश देकर उन्होंने बातचीत की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया।
“नेगोशिएटिंग टेबल पर बमबारी”
अराघची ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जो लोग कूटनीति को बिगाड़ना चाहते थे, वे सफल रहे। लेकिन आखिरकार, फिर एक बार, ट्रंप ने ही बातचीत की मेज पर बमबारी का आदेश दिया।” ईरान का आरोप है कि इन हमलों ने न केवल वार्ता की संभावनाओं को कमजोर किया, बल्कि क्षेत्रीय तनाव को भी बढ़ा दिया।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बयानबाज़ी तेज हुई है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो जाती है, तो यह पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और गहरा कर सकती है। वहीं, वॉशिंगटन की ओर से अब तक इस आरोप पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
