Harvard University: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की विदेशी छात्रों को दाखिला देने की पात्रता को रद्द कर दिया है जिससे यूनिवर्सिटी में वर्तमान में पंजीकृत लगभग 800 भारतीय छात्रों समेत हजारों छात्रों की कानूनी स्थिति को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है।
विदेशी छात्रों का नहीं होगा दाखिला
ट्रंप प्रशासन ने एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत गृह मंत्रालय को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र एवं शैक्षणिक विनिमय प्रवेश कार्यक्रम (SEVP) प्रमाणन को समाप्त करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया। संघीय एजेंसी ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और मौजूदा विदेशी छात्रों को अपना कानूनी दर्जा खोना होगा या कहीं और जाना होगा।’’
हार्वर्ड में कितने विदेशी छात्र हैं रजिस्टर्ड
अमेरिका की गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं आपको यह सूचित करने के लिए पत्र लिख रही हूं कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र एवं शैक्षणिक विनिमय प्रवेश कार्यक्रम का प्रमाणन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।’’ इस घटनाक्रम से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों पर भी असर पड़ने का खतरा है। वर्तमान में हार्वर्ड में दुनिया भर से लगभग 10,158 छात्र और शोधकर्ता रजिस्टर्ड हैं।
‘हार्वर्ड इंटरनेशनल ऑफिस’ की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के तहत सभी स्कूल में शिक्षण सत्र 2024-25 में भारत के 788 छात्र और शोधार्थी पंजीकृत हैं। ‘हार्वर्ड ग्लोबल सपोर्ट सर्विसेज’ ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि हर साल 500-800 भारतीय छात्र और शोधकर्ता हार्वर्ड में अध्ययन करते हैं।
