एक्सप्लेनर्स

कैसे दुनिया के सामने ट्रंप हो गए एक्सपोज, साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने मुंह पर ही सुना दी खरी-खरी; यहां जानें किसमें कितनी है सच्चाई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ एक बैठक के दौरान श्वेत किसानों की हत्या का मुद्दा उठाया और उनके देश पर इस मामले को सुलझाने में विफल रहने का आरोप लगाया। हालांकि, रामाफोसा ने तमाम आरोपों को मुंह पर ही सिरे से खारिज कर दिया।

Image

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं) और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (बाएं)

Photo : AP

US South Africa Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa) के साथ एक बैठक के दौरान श्वेत किसानों की हत्या का मुद्दा उठाया और उनके देश पर इस मामले को सुलझाने में विफल रहने का आरोप लगाया। ट्रंप और रामाफोसा के बीच हुई तनावपूर्ण बैठक ने फरवरी में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हुए विवाद की याद दिला दी।

रामाफोसा से पहले ट्रंप फरवरी में व्हाइट हाउस में जेलेंस्की से भिड़ गए थे। हालांकि, बाद में इस्तांबुल में दोनों की एक कमरे के बीचों-बीच बैठकर बात करते हुए तस्वीर सामने आई थी।

व्हाइट हाउस में फिर हुआ बवाल

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने रामाफोसा पर आरोप लगाए कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए दक्षिण अफ्रीका से भाग रहे हैं। उनकी जमीन हड़पी जा रही है और कई मामलों में उन्हें मार दिया जा रहा है। हालांकि, रामाफोसा ने ट्रंप के मुंह पर उनके द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों का खंडन किया और कहा कि हम इसका पूरी तरह से विरोध करते हैं।

क्या है सच्चाई?

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में हत्या की दर विश्व में सबसे अधिक है, लेकिन इसके पीड़ितों में अधिकांश अश्वेत हैं। दक्षिण अफ्रीकी पुलिस ने 2024 में पूरे देश में 26,232 हत्याएं दर्ज कीं, जिनमें से 44 कृषक समुदायों से जुड़ी थीं और इनमें से आठ पीड़ित किसान थे।

30 फीसद टैरिफ का सामना करता है दक्षिण अफ्रीका

रामाफोसा अमेरिका के साथ अपने रिश्ते सुधारना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में बैठक की, लेकिन ट्रंप ने दुनिया के सामने उलजुलूल आरोप लगाए।

रामाफोसा अपने प्रतिनिधिमंडल में लोकप्रिय श्वेत दक्षिण अफ्रीकी गोल्फर भी लाए, जिनकी ट्रंप ने सराहना की। इस दौरान रामाफोसा ने कहा कि वह महत्वपूर्ण खनिजों और व्यापार को लेकर चर्चा करना चाहते हैं। अमेरिका दक्षिण अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दक्षिण अफ्रीका ट्रंप के हालिया 30 फीसदी टैरिफ सामना कर रहा है।

white genocide

व्हाइट हाउस में भिड़े ट्रंप और रामाफोसा

लेकिन ट्रंप ने एक वीडियो चलाकर सभी को चकित कर दिया जिसमें श्वेत नरसंहार (White Genocide) के साक्ष्य दिखाए जाने का दावा किया था। साथ ही ट्रंप ने कुछ अखबारों के पन्ने पलटकर कहा कि उनके आरोप सिद्ध होते हैं। वीडियो में सफेद क्रॉस दिखाए गए जिनको लेकर ट्रंप ने दावा किया कि यह श्वेत लोगों की कब्रें हैं और विपक्षी नेता भड़काऊ भाषण दे रहे थे।

बकौल रायटर, वीडियो सितंबर 2020 में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बनाया गया था। क्रॉस वास्तविक कब्रों को चिह्वित नहीं करते थे। विरोध प्रदर्शन के एक आयोजक ने उस समय एक टीवी चैनल को बताया कि वे उन किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें पिछले कुछ सालों में मारा गया है।

ट्रंप ने बातचीत के दौरान खासतौर पर श्वेत किसानों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि उन्हें सताया जा रहा है और वह अमेरिका आना चाह रहे हैं।

क्या श्वेत किसानों का हो रहा नरसंहार

दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के अन्याय को दूर करने के मकसद से बनाया गया नया भूमि सुधार कानून, सार्वजनिक हित में बिना किसी मुआवजे के अधिग्रहण की अनुमति देता है जिसने पुराने जब्ती अधिनियम को निरस्त कर दिया। पुराना जब्ती अधिनियम रंगभेद के अन्याय को दर्शाता था जिसके तहत लंबे समय तक अश्वेत लोगों की जमीन हड़पने का ष्डयंत्र होता रहा।

नया भूमि सुधार कानून के तहत बिना किसी मुआवजे के अधिग्रहण की अनुमति तभी दी जा सकती है जब वह सार्वजनिक हित में हो। हालांकि, ऐसा कोई अधिग्रहण नहीं हुआ है और किसी भी आदेश को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। साथ ही सरकार ने श्वेत किसानों को अपनी भूमि स्वेच्छा से बेचने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली है।

बकौल रिपोर्ट, निजी स्वामित्व वाली तीन-चौथाई कृषि भूमि अभी भी श्वेत लोगों के पास हैं, जिसकी भागीदारी कुल आबादी में 8 फीसदी से भी कम हैं, जबकि 4 फीसद हिस्सा अश्वेत दक्षिण अफ्रीकी लोगों के पास है, जो कुल जनसंख्या का 80 फीसद हिस्सा हैं।

'किल द बोअर' गाना का हो रहा जिक्र

'किल द बोअर (किसान)' गीत रंगभेद के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक है और काफी पुराना है। यह उस दौर का है जब दक्षिण अफ्रीका पर अफ्रीकनेर राष्ट्रवादियों (Afrikaner Nationalists) का नियंत्रण था। ट्रंप द्वारा दिखाए गए वीडियो में मार्क्सवादी आर्थिक स्वतंत्रता सेनानियों (EFF) के उग्र विपक्षी नेता जूलियस मालेमा यह गीत गा रहे हैं। ट्रंप और रामाफोसा के बीच हुई बैठक के बाद ईएफएफ ने इस गाने को अफ्रीकी विरासत का हिस्सा बताया।

Kill the Boer Song

व्हाइट हाउस में चलाया गया वीडियो

'वीडियो के शुरुआती विजुअल में मालेमा को दिखाया गया जिसमें वह जमीन पर कब्जा करने का वादा कर रहे'

बकौल रिपोर्ट, पिछले कुछ सालों में कुछ जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है और कुछ जमीनों पर कब्जा राजनीति से प्रेरित है। जमीन आमतौर पर इस्तेमाल नहीं की जाती और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि EFF ने ज़मीन पर किसी भी तरह के अतिक्रमण की योजना बनाई हो।

रामाफोसा की बातों से संतुष्ट नहीं हुए ट्रंप

ट्रंप के बगल में बैठे रामाफोसा ने उनके तमाम दावों को खारिज कर दिया। रामाफोसा ने अपने प्रतिनिधिमंडल में मौजूद गोल्फ खिलाड़ी एर्नी एल्स और रीतिफ गूसेन तथा अरबपति जोहान रूपर्ट (जो सभी श्वेत हैं और उस कमरे में मौजूद थे) का जिक्र करते हुए कहा कि यदि दक्षिण अफ्रीका के किसानों का नरसंहार हुआ होता तो मैं शर्त लगा सकता हूं कि ये तीनों यहां नहीं होते। रामाफोसा की इस बातों से भी ट्रंप संतुष्ट नहीं हुए।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article