पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाले तीन कच्चा तेल टैंकर शनिवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर भारत के लिए रवाना हो गए। इन टैंकरों में 94 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं और ये कुल 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 'एक्स' एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 'देश वैभव' (Desh Vaibhav), 'देश विभोर' (Desh Vibhor) और 'सनमार हेराल्ड' (Sanmar Herald) नाम के तीनों भारतीय ध्वज वाले टैंकर शनिवार को सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश के समुद्री हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
अलग-अलग बंदरगाहों पर पहुंचेंगे तीनों टैंकर
मंत्रालय के अनुसार, 'देश वैभव' 24 जून को गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंचेगा। इसके साथ ही'देश विभोर' नामक जहाज भी 24 जून को सिक्का बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि 'सनमार हेराल्ड' एक जुलाई को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंचेगा।
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सामान्य हुआ समुद्री मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइनों में से एक माना जाता है। हाल के महीनों में अमेरिका-ईरान तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण यहां जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों में ढील दी, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर शुरू हो गई।
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18 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत ईरान ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने पर सहमति जताई, जबकि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर लगे कई प्रतिबंध हटाने का फैसला किया। इसके बाद ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से तेल बेचने की अनुमति मिली और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा। हालांकि आज फिर ईरान ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को बंद कर दिया है।
भारत के तीनों टैंकरों का सुरक्षित होर्मुज पार करना ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार लगातार क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
