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अंतरिक्ष से लौटे चीनी यात्री: ऐसा करने वाला होगा पहला देश होगा चीन, रूस-अमेरिका भी छोड़ देगा पीछे

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  • Updated Jun 4, 2023, 03:05 PM IST

China Space Station: चीन एकमात्र ऐसा देश होगा, जिसका अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा, क्योंकि रूस का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की एक सहयोगात्मक परियोजना है। आईएसएस 2030 तक सेवा से बाहर हो जाएगा।

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अंतरिक्ष से लौटे चीनी यात्री: ऐसा करने वाला होगा पहला देश होगा चीन, रूस-अमेरिका भी छोड़ देगा पीछे

China Space Station: चीन का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने का छह महीने लंबा मिशन पूरा करने के बाद तीन चीनी अंतरिक्ष यात्री 'शेनझोउ-15' मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के जरिये रविवार को धरती पर सकुशल लौट आए। चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी (सीएमएसए) ने बताया कि 'शेनझोउ-15' अंतरिक्ष यात्री-फेई जुनलोंग, डेंग क्विंगमिंग और झांग लू को लेकर सुबह छह बजकर 33 मिनट (बीजिंग के समयानुसार) पर आंतरिक मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र स्थित डोंगफेंग लैंडिंग साइट पर उतरा।

सूएमएसए ने घोषणा की कि जुनलोंग, क्विंगमिंग और लू ने छह महीने का अंतरिक्ष स्टेशन अभियान पूरा किया। एजेंसी से घोषणा की कि अंतरिक्ष यात्रियों का स्वास्थ्य ठीक है और 'शेनझोउ-15' मानयुक्त मिशन सफल रहा।

खुद के अंतरिक्ष स्टेशन वाला चीन होगा पहला देश

इससे पहले, 30 मई को एक असैन्य नागरिक समेत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को जुनलोंग, क्विंगमिंग और लू की जगह लेने के लिए चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा गया था। अंतरिक्ष यात्रियों का यह नया दल पांच महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहेगा। यदि यह स्टेशन तैयार हो जाता है, तो चीन एकमात्र ऐसा देश होगा, जिसका अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा, क्योंकि रूस का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की एक सहयोगात्मक परियोजना है। आईएसएस 2030 तक सेवा से बाहर हो जाएगा।

दो रोबोटिक भुजाएं हैं खासियत

चीन के अंतरिक्ष स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत उसकी दो रोबोटिक भुजाएं हैं। इनमें से भी लंबी भुजा अधिक अहम है, जो अंतरिक्ष से उपग्रहों समेत वस्तुओं को पकड़ सकती है। मिशन कमांडर फेई ने कहा, हमने सभी निर्धारित काम पूरे कर लिए। हमें अपनी मातृभूमि पर लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है।

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