Strait Of Hormuz: अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों पर निशाना बनाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुई अचानक फायरिंग ने न केवल समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इसी बीच इस पूरी घटना का सबसे भयावह पहलू एक आपातकालीन ऑडियो संदेश के जरिए सामने आया है, जो उस समय रिकॉर्ड हुआ जब समंदर की लहरों पर गोलियां बरस रही थीं।
ऑडियो हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो सुनकर दुनिया हैरान है। यह संदेश भारतीय जहाज ‘सनमार हेराल्ड’ के चालक दल के एक सदस्य द्वारा भेजा गया था. ऑडियो में नाविक की आवाज में घबराहट और हैरानी साफ सुनी जा सकती है।
नाविक ईरानी नौसेना की यूनिट ‘सीपा नेवी’ को संबोधित करते हुए कहता है, “सीपा नेवी, सीपा नेवी… यह मोटर वेसेल सनमार हेराल्ड है। आपने हमें आगे बढ़ने के लिए क्लियरेंस दिया है। हमारा नाम आपकी लिस्ट में है। आपने हमें जाने की अनुमति दी और अब आप फायरिंग कर रहे हैं? कृपया हमें वापस जाने दीजिए।”
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में कहा कि भारत ने हमेशा व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि ईरान पहले भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराता रहा है।
व्यापारिक जहाजों पर हुई गोलीबारी की गंभीर घटना पर चिंता जताते हुए, विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत का पक्ष तेहरान तक पहुंचाएं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए कदम उठाए जाएं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरानी राजदूत ने भरोसा दिलाया है कि वह भारत की चिंताओं और सुझावों को अपनी सरकार तक पहुंचाएंगे। जहाजों के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, ’देश गरिमा’ नामक तेल टैंकर ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया। भारतीय नौवाहन निगम लिमिटेड (एससीआई) का यह टैंकर मार्च की शुरुआत से इस मार्ग को पार करने वाला भारतीय ध्वज वाला 10वां जहाज है।
‘देश गरिमा’ने किया होर्मुज पार
बताते चलें कि ईरानी गनबोट्स की फायरिंग बीच शनिवार को 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा। ‘देश गरिमा’ नामक यह जहाज कच्चा तेल लेकर मुंबई बंदरगाह की ओर जा रहा है। शनिवार को ईरानी गनबोट्स की गोलीबारी के कारण दो भारतीय टैंकरों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा। इसके बावजूद ‘देश गरिमा’ ने जलडमरूमध्य पार कर लिया।
