Vaibhav Suryavanshi World Record: टीम इंडिया के युवा बैटिंग स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। वो पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही आत्मविश्वास बनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि सफ़र की शुरुआत में ऐसी पारी खेलने से आगे के मैचों के लिए बहुत मदद मिलेगी।
इस युवा बल्लेबाज़ ने बताया कि अपनी पहली T20 फिफ्टी बनाते समय वे शांत रहे, अपनी काबिलियत पर भरोसा किया और अपनी ताक़त के हिसाब से खेले। वैभव सूर्यवंशी ने गुरुवार को हरारे में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ पहले T20I मैच में सिर्फ़ 18 गेंदों में फिफ्टी लगाई। वो 19 गेंदों में 50 रन बनाकर आउट हुए जिसमें 4 चौके और 4 शानदार छक्के शामिल रहे।
BCCI के एक वीडियो में सूर्यवंशी ने कहा, "जब आप अपने करियर की शुरुआती दौर में होते हैं और शुरुआत में ही ऐसी पारी खेलते हैं, तो आपको अगले मैचों के लिए आत्मविश्वास मिलता है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपनी लय में था और मैंने अपनी ताकत पर भरोसा किया।"
सूर्यवंशी ने 15 साल और 118 दिन की उम्र में अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया। उन्होंने भारत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1989 में फैसलाबाद में मेजबान पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में 16 साल और 213 दिन की उम्र में अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी।
हरारे इस 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए बहुत खास है, क्योंकि इसी साल जनवरी में U-19 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 80 गेंदों में तूफ़ानी 175 रन बनाकर उन्होंने ग्लोबल स्टेज पर अपनी पहचान बनाई थी।
सूर्यवंशी ने कहा कि भले ही कुछ मैदानों पर उनका खेल सबसे अच्छा होता है, लेकिन वे किसी भी मौके को हल्के में नहीं लेते और अपना सब कुछ देने, टीम की सफलता में योगदान देने और जहां भी खेलें, लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर फोकस करते हैं।
उन्होंने कहा, "कुछ मैदान ऐसे होते हैं जहां आपको रन बनाना पसंद होता है। मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं। मैं बस जहां भी खेल सकूं, खेलने की कोशिश कर रहा हूं, अपना बेस्ट दे रहा हूं, टीम में योगदान दे रहा हूं और अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं।"
किसको-किसको किया धन्यवाद
वैभव सूर्यवंशी ने अपने परिवार, कोच और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय उनके लगातार प्रोत्साहन और मार्गदर्शन को दिया।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी सफलता अपने परिवार, अपने कोच और उन सभी लोगों को समर्पित करता हूँ जिन्होंने मेरे सफ़र में मेरा साथ दिया।" सूर्यवंशी की रिकॉर्ड-तोड़ पारी तब आई जब भारत ने ज़िम्बाब्वे के 125/7 के स्कोर का पीछा करते हुए सात विकेट शेष रहते जीत हासिल की और तीन मैचों की T20I सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली।
