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कई बार पड़ा दिल का दौरा फिर भी नोबेल विजेता नरगिस नहीं हारीं हौंसला; जेल में हैं कैद; अब कैंसर...

Narges Mohammadi: ईरान में जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी एक जटिल सर्जरी से गुजरीं, जिसके तहत उनके दाएं पैर की एक हड्डी का कुछ हिस्सा कैंसर की आशंका के चलते हटा दिया गया। इस बीच, यूएनएचआरसी को भेजे गए 40 से अधिक अधिकार समूहों के हस्ताक्षर वाले एक पत्र में नरगिस को उन आरोपों में सुनाई गई जेल की सजा से तत्काल चिकित्सकीय फर्लो पर रिहा करने का आग्रह किया गया है।

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नरगिस मोहम्मदी

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • नरगिस मोहम्मदी की हुई एक जटिल सर्जरी।
  • सर्जरी के दो दिन बाद भेजा गया जेल।
  • नरगिस मोहम्मदी की सेहत को लेकर बढ़ी चिंताएं।

Narges Mohammadi: ईरान में जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी एक जटिल सर्जरी से गुजरीं, जिसके तहत उनके दाएं पैर की एक हड्डी का कुछ हिस्सा कैंसर की आशंका के चलते हटा दिया गया। हालांकि, अधिकार समूहों के मुताबिक, नरगिस को सर्जरी के महज दो दिन बाद वापस जेल भेज दिया गया, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

'नरगिस को तत्काल करें रिहा'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को भेजे गए 40 से अधिक अधिकार समूहों के हस्ताक्षर वाले एक पत्र में नरगिस को उन आरोपों में सुनाई गई जेल की सजा से तत्काल चिकित्सकीय फर्लो पर रिहा करने का आग्रह किया गया है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से आलोचना हो रही है।

इस पत्र को ईरान पर नरगिस की रिहाई का दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नोबेल समिति के नरगिस को पिछले साल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद से ही ईरान पर उनकी रिहाई का दबाव बनाने का अभियान चलाया जा रहा है

सोमवार को भेजे गए पत्र में कहा गया है, “हम ईरानी अधिकारियों से मानवाधिकारों का अपराधीकरण रोकने और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों एवं लेखकों की सेहत ठीक न होने पर उन्हें जेल में कैद करने से बचने का आग्रह करते हैं।”

13 साल और नौ माह की काट रही हैं सजा

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूतावास ने इस पत्र पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, अतीत में नरगिस की रिहाई के लिए चलाए गए अभियान को तवज्जो न देने वाले ईरान के सरकारी मीडिया ने भी पत्र पर कोई खबर नहीं प्रकाशित की है। नरगिस (52) राज्य विरोधी तत्वों के साथ मिलीभगत और ईरान सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार के आरोप में कुल 13 साल और नौ महीने की जेल की सजा काट रही हैं। कई बार गिरफ्तार किए जाने और सलाखों के पीछे लंबी अवधि गुजारने के बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा है।

पत्र के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान नरगिस को कई बार दिल का दौरा पड़ा और 2022 में उनकी आपात सर्जरी की गई थी। नवंबर की शुरुआत में नरगिस के वकील ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके दाएं पैर की एक हड्डी में घाव की पुष्टि की है, जिसके बारे में उन्हें आशंका है कि यह कैंसर हो सकता है। इसके बाद बृहस्पतिवार को उनकी सर्जरी की गई।

सर्जरी के दो दिन बाद नरगिस को भेजा गया जेल

पत्र में कहा गया है, “नरगिस को चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध सर्जरी के महज दो दिन बाद वापस जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। नरगिस को चिकित्सा फर्लो पर रिहा करने और उनकी सजा निलंबित करने के उनके विधि टीम के आग्रह को भी नजरअंदाज कर दिया गया।”

इसमें कहा गया है, “वर्षों की कैद और महीनों के एकांत कारावास ने नरगिस के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे उन्हें कई ऐसी स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें अस्पताल में बिताई गई छोटी अवधि में संबोधित नहीं किया जा सकता।”

(इनपुट: एपी)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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