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पश्चिम एशिया में हाहाकार: अमेरिकी हमलों से कांपा ईरान, दो हफ्तों में 50 की मौत; 500 से ज्यादा घायल

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 6 जुलाई से जारी इन हमलों में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्यादा लोग घायल हैं।

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अमेरिका-ईरान जंग से दहला मिडिल ईस्ट (एआई इमेज)

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक भीषण युद्ध का रूप ले चुका है। शनिवार को भी दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर घातक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर कब्जे को लेकर छिड़ी यह जंग अंतरिम युद्धविराम के टूटने के बाद और ज्यादा हिंसक हो गई है।

'अमेरिकी सेंट्रल कमांड' ने साफ किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को नेस्तनाबूद करने के लिए उसने लगातार सातवीं रात बड़ा अभियान चलाया। शनिवार तड़के जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के हथियार भंडारों, भूमिगत बंकरों, निगरानी केंद्रों और उसकी नौसैनिक क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है।

दूसरी ओर, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी हुसैन केरमनपौर ने बताया कि 6 जुलाई से जारी अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 50 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। अमेरिकी सेना ने भी स्वीकार किया है कि इस जवाबी कार्रवाई में उसके कई सैनिक घायल हुए हैं।

पड़ोसी देशों में भी मचा हड़कंप

इस युद्ध की लपटें अब खाड़ी के अन्य देशों तक फैल गई हैं। कुवैत ने बताया कि उसने ईरान की तरफ से आ रही कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन एक मिसाइल उसके पानी को साफ करने वाले प्लांट पर जा गिरी। इस हमले से वहां भीषण आग लग गई। कुवैत अपनी जरूरत का 90% पीने का पानी इसी तकनीक से जुटाता है, जिससे वहां बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। खतरे को देखते हुए कुवैत ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया। उधर, जॉर्डन ने भी ईरान की मिसाइलों को मार गिराया है, जबकि इराक ने अपने एरबिल शहर के ऊपर उड़ रहे हमलावर ड्रोन को ध्वस्त कर दिया है।

दुनियाभर में मंदी का खतरा

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के एक-तिहाई कच्चे तेल की सप्लाई होती है। यहां जहाजों के रुकने से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत उछलकर 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। अगर यह जंग जल्द नहीं रुकी, तो पूरी दुनिया में ईंधन की भारी किल्लत और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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