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बारिश के मौसम में ईयरबड्स का ज्यादा इस्तेमाल क्यों नहीं है सुरक्षित, जानें किन संक्रमणों का रहता है डर

Monsoon Earbuds Infection Risk: क्या आप जानते हैं मानसून में लंबे समय तक ईयरबड्स पहनना कान में बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। आइए डॉक्टर से जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के आसान तरीके।

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बारिश में ईयरबड्स लगाना कैसे बन सकता है परेशानी

Monsoon Earbuds Infection Risk: बारिश का मौसम राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह के संक्रमण का खतरा भी लेकर आता है। इस मौसम में लोग अक्सर सैर करते हुए, ऑफिस जाते समय या घर पर घंटों तक ईयरबड्स लगाकर गाने सुनते हैं या फोन पर बात करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही आदत आपके कानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है? यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर ईएनटी हेड एंड नेक कंसल्टेंट, चीफ कॉक्लियर इम्प्लांट एवं लेटरल स्कल बेस सर्जन डॉ. अव्वारु सत्य किरण बताते हैं कि मानसून में हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से कान के अंदर भी नमी बनी रहती है। अगर ऐसे समय में लंबे समय तक ईयरबड्स लगाए जाएं या गीले कानों में इन्हें पहन लिया जाए, तो कान में बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा बढ़ सकता है।

बारिश में ईयरबड्स क्यों बन सकते हैं परेशानी की वजह

डॉ. अव्वारु सत्य किरण बताते हैं कि बारिश के मौसम में कान के अंदर आसानी से नमी जमा हो जाती है। जब लंबे समय तक ईयरबड्स लगे रहते हैं, तो यह नमी बाहर नहीं निकल पाती। ऐसे में कान के अंदर गर्म और नम माहौल बन जाता है, जहां बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं। अगर ईयरबड्स गंदे हों या गीले कानों में लगाए जाएं, तो संक्रमण होने की संभावना और भी बढ़ जाती है।

कान में कौन-सी दिक्कत हो सकती है

डॉक्टर के मुताबिक, इस स्थिति में सबसे ज्यादा बाहरी कान में संक्रमण होने का खतरा रहता है। आम भाषा में इसे कान की बाहरी नली का इंफेक्शन कहा जा सकता है। लंबे समय तक ईयरबड्स लगाने से कान की अंदरूनी त्वचा पर बार-बार रगड़ पड़ती है। इससे बहुत छोटे-छोटे घाव बन सकते हैं, जिनमें बैक्टीरिया या फंगस आसानी से पहुंच जाते हैं। अगर ईयरबड्स साफ न हों, तो उन पर मौजूद कीटाणु भी सीधे कान के अंदर चले जाते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ा देते हैं।

इन लक्षणों को हल्के में न लें

अगर कान में लगातार खुजली हो रही है, हल्का या तेज दर्द महसूस हो रहा है, कान छूने पर दर्द बढ़ जाता है, कान बंद-बंद सा लगता है, सुनने में कमी महसूस होने लगे या कान से पानी या बदबूदार तरल निकलने लगे, तो यह संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर घर पर इलाज करने या अपनी मर्जी से ईयर ड्रॉप डालने की बजाय डॉक्टर से जांच कराना ज्यादा सही रहता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है

डॉ. सत्य किरण के अनुसार, जो लोग कई घंटे लगातार ईयरबड्स लगाए रखते हैं, जिम या एक्सरसाइज करते समय भी इन्हें पहनते हैं, बारिश में भी ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं या अपने ईयरबड्स दूसरों के साथ साझा करते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा जिन्हें पहले से एलर्जी, त्वचा से जुड़ी समस्या या डायबिटीज है, उन्हें मानसून में कानों की सफाई और देखभाल पर खास ध्यान देना चाहिए।

इन छोटी-छोटी बातों से कान रहेंगे सुरक्षित

बारिश के मौसम में ईयरबड्स लगाने से पहले यह जरूर देख लें कि कान पूरी तरह सूखे हों। लगातार कई घंटों तक ईयरबड्स पहनने से बचें और बीच-बीच में कानों को आराम दें। ईयरबड्स और उनके चार्जिंग केस को समय-समय पर अच्छी तरह साफ करें। अपने ईयरबड्स किसी और के साथ साझा न करें। अगर कान में पहले से दर्द, पानी निकलने या किसी तरह की परेशानी हो रही है, तो ईयरबड्स लगाने से बचें। यदि समस्या एक-दो दिन में ठीक न हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने की बजाय ईएनटी विशेषज्ञ से मिलें।

यह भी रखें ध्यान

ईयरबड्स अपने आप में नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन मानसून में उनका गलत तरीके से और लंबे समय तक इस्तेमाल कान के संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी, साफ-सफाई और सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर आप इस परेशानी से आसानी से बच सकते हैं। खासकर बारिश के मौसम में कानों की देखभाल को अपनी रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाना जरूरी है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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