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महोबा में हनुमान मंदिर के पुजारी पर लाठी-डंडो से ताबड़तोड़ वार, पीटकर हत्या से सनसनी

Mahoba Priest Murder: यूपी के महोबा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में 65 वर्षीय पुजारी की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

महोबा : जिले स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी की अज्ञात हमलावरों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस की एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर इलाके की है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जानकारी जुटा रही है।

महोबा जिले की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वंदना सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर में प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी उदित नारायण मिश्रा (65) का खून से लथपथ शव मंदिर परिसर में मिला। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि शव पर लाठी-डंडों के निशान पाए गए और ऐसा प्रतीत होता है कि अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार रात उनकी हत्या की है। अधिकारी ने बताया कि पुजारी उदित नारायण मूल रूप से हमीरपुर जिले के निवासी थे और पिछले 15-16 से प्राचीन हनुमान मंदिर का प्रबंधन कर रहे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी से अनबन या अन्य बात को लेकर विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उन पर हमला कर दिया गया।

एएसपी ने बताया कि घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है। वंदना सिंह के मुताबिक, इस सिलसिले में पुजारी के भाई जुगुल की तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का का केस दर्ज किया है। वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम अपना काम कर रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल, हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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