अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच जंगी हालात कम होने का नाम नहीं ले रहे है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का एक और बड़ा दौर शुरू किया। यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों ने ईरान की धरती पर बमबारी की है।
सीरिक शहर में गूंजे भीषण धमाके
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस ताजा सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। CENTCOM ने अपने बयान में कहा, "कमांडर-इन-चीफ (राष्ट्रपति) के निर्देश पर, अमेरिकी बलों ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे (ET) ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के लिए लगातार सातवीं रात हमले किए। यह कार्रवाई कमर्शियल शिपिंग पर हालिया ईरानी हमलों के खिलाफ की जा रही है।"
दूसरी तरफ, ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि इन ताजा अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान ईरान के होर्मोजगान प्रांत के सीरिक शहर में एक के बाद एक तीन भीषण विस्फोटों की आवाज सुनी गई।
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ईरान का भी भीषण पलटवार
इससे पहले गुरुवार (छठी रात) को हुए हमलों में अमेरिका ने सटीक-निर्देशित हथियारों, ड्रोन और युद्धपोतों के जरिए ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, वायु रक्षा प्रणालियों और सैन्य रसद बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था। हालांकि, इन हमलों में ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है।
CENTCOM ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो बेहद घातक और सतर्क हैं। वे किसी भी सुरक्षा चुनौती का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में कतर, कुवैत, जॉर्डन, ओमान और सीरिया में स्थित अमेरिकी नौसैनिक और सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से चौतरफा जवाबी हमले किए हैं।
