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भारत में इजरायल के नए राजदूत होंगे रूवेन अजार, राजनयिक मामलों का है अच्छा-खासा अनुभव

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  • Updated Dec 18, 2023, 01:49 PM IST

Reuven Azar: अजार 2014 से 2018 तक वाशिंगटन में इजरायल दूतावास में उप राजदूत भी रह चुके हैं। उन्होंने फलस्तीनी प्राधिकरण के साथ सहयोग और बातचीत के विभिन्न पहलुओं पर भी काम किया और साथ ही फलस्तीनी मुद्दों पर अनुसंधान भी किया है।

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अभी रोमानिया में इजरायल के राजदूत हैं अजार।

Reuven Azar: इजरायल की सरकार ने रूवेन अजार को भारत में नए राजदूत के रूप में नियुक्त करने की रविवार को मंजूरी दे दी। इजरायल के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अजार (56) श्रीलंका और भूटान में अनिवासी राजदूत के रूप में भी काम करेंगे। उनके साथ ही इजरायल सरकार ने विदेशों में स्थित दूतावासों में 21 नए राजनयिकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है जो जल्द ही पदभार संभालेंगे।

अभी रोमानिया में हैं अजार

विदेश मंत्री अली कोहेन ने नए राजनयिकों को बधाई देते हुए कहा कि वे ‘इजरायल और उसके नागरिकों का प्रतिनिधित्व करेंगे, उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे और इजरायल सरकार के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन को मजबूत करेंगे।’आधिकारिक सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार, अजार अभी रोमानिया में इजरायल के राजदूत के रूप में काम कर रहे हैं। अभी यह पता नहीं चला है कि वह नयी दिल्ली में प्रभार कब संभालेंगे।

भारत में नाओर गिलोन का स्थान लेंगे

वह नाओर गिलोन का स्थान लेंगे जो 2021 से भारत में इजरायल के राजदूत के रूप में नियुक्त हैं। अजार पहले विदेश मंत्रालय में इजरायल-अमेरिका-चीन आंतरिक कार्य बल के प्रमुख के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इससे पहले वह इजरायल के प्रधानमंत्री के विदेश नीति सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में विदेश नीति के लिए उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं।

इजरायली रक्षा बल में काम कर चुके हैं

अजार 2014 से 2018 तक वाशिंगटन में इजरायल दूतावास में उप राजदूत भी रह चुके हैं। उन्होंने फलस्तीनी प्राधिकरण के साथ सहयोग और बातचीत के विभिन्न पहलुओं पर भी काम किया और साथ ही फलस्तीनी मुद्दों पर अनुसंधान भी किया है। उन्होंने पश्चिम एशिया में भी काम किया है। अजार का जन्म अर्जेंटीना में हुआ और वह 13 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ इजरायल आए थे। उन्होंने 1985 से 1988 तक इजरायली रक्षा बलों की पैराट्रूपर बटालियन में भी काम किया है। उन्होंने हिब्रू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्नातक और परा-स्नातक की डिग्री ली है।

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