नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बातचीत की। इस दौरान नेतन्याहू ने उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो करार दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का विशेष न्योता भी दिया।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री मोदी को समारोह की उत्सव मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह इजरायल के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है,जो आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों को दिया जाता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बार इजरायल की जनता कैप्टन स्मित का खुले दिल से स्वागत करेगी।
'आप भारत, इजरायल और पूरी दुनिया के हीरो हैं'
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित के साहस और मुश्किल हालात में लिए गए फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में कैप्टन ने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर फैसला लिया, वह असाधारण है। नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय पायलट ने न केवल यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि अपने साहस से दुनिया के सामने एक मिसाल भी पेश की।उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित और विमान में मौजूद यात्रियों ने मिलकर जिस तरह स्थिति का सामना किया, वह दिखाता है कि साहस और एकजुटता के जरिए हिंसा और बुराई का सामना किया जा सकता है।
'इजरायल के लोग आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक'
इजरायली प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कैप्टन और उनकी पत्नी को अपनी तथा अपनी पत्नी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन स्मित राष्ट्रों के परिवार का एक साहसी हिस्सा हैं।
उन्होंने कैप्टन का इलाज करने वाले डेंटिस्ट का भी जिक्र किया, जिन्होंने उनके साहस की तारीफ की थी। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के लोग कैप्टन स्मित के वहां आने का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह जल्द ही इजरायल में उनसे मुलाकात करेंगे।
विमान में हमले के बाद दिखाई थी बहादुरी
बता दें कि कैप्टन स्मित मच्छार उस फ्लाईदुबई विमान के पायलट थे, जिसमें उड़ान के दौरान कथित तौर पर सह-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर स्थिति के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हुई। नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान उनके साहस के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इजरायल में उनका स्वागत करना वहां के लोगों के लिए सम्मान की बात होगी।
