India Ceasefire Proposal Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। यूक्रेन के विदेश मंत्री अंदरी सिबीहा ने नाटो (NATO) महासचिव के चीफ ऑफ स्टाफ जेफ्री वान लीवेन से मुलाकात की है। इस बैठक में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों से यूक्रेनी शहरों को बचाने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूक्रेन की न्यूज वेबसाइट Eurointegration के मुताबिक विदेश मंत्री सिबीहा ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने नाटो अधिकारी को रूस के हालिया हमलों की जानकारी दी, जिसमें नए जेट चालित 'शाहेद ड्रोन' का इस्तेमाल किया जा रहा है। अकेले सितंबर महीने में ही यूक्रेन की राजधानी कीव में 230 से अधिक बार हवाई हमले की चेतावनियां (Air-raid warnings) जारी की गईं। सिबीहा ने कहा कि रूसी हमले अब केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीमावर्ती ढांचों पर हमलों और उकसावे की कार्रवाइयों से नाटो देशों की सुरक्षा को भी सीधा खतरा पैदा हो रहा है।
इस बीच, यूक्रेन को युद्ध रोकने के लिए दुनिया के चार प्रमुख देशों-भारत, तुर्की, मिस्र और अमेरिका से संघर्षविराम (Ceasefire) के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से भारत के प्रस्ताव को यूक्रेन ने सबसे व्यापक और बड़ा बताया है। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) और काला सागर (Black Sea) क्षेत्र में शांति के लिए भारत के प्रस्ताव पर विचार करने को पूरी तरह तैयार है।
पाँचवें साल में प्रवेश कर चुके इस युद्ध में हजारों नागरिकों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हुए हैं। यूक्रेन का कहना है कि उनकी सेना पूरे यूरोपीय-अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लड़ रही है और अंतराष्ट्रीय समुदाय को रूस पर दबाव और बढ़ाना चाहिए।
