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पीएम मोदी ने भरी उड़ान, पिछले 45 सालों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री कर रहे पोलैंड की यात्रा

World News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड के वारसॉ के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी पोलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर होंगे। पिछले 45 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली पोलैंड यात्रा है। पीएम मोदी पोलैंड के साथ-साथ यूक्रेन की यात्रा पर भी रवाना हुए है। आपको सारा प्लान बताते हैं।

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पीएम मोदी ने पोलैंड यात्रा के लिए भरी उड़ान।

PM Modi emplanes for Visit Poland: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर पोलैंड और यूक्रेन के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को पौलेंड दौरे पर रहेंगे और इसके बाद वह 23 अगस्त को युद्धग्रस्त यूक्रेन की राजधानी कीव जाएंगे। उनकी इस यात्रा की आधिकारिक जानकारी देते हुए 'प्रधानमंत्री कार्यालय' ने एक पत्र जारी किया है।

पोलैंड, यूक्रेन की यात्रा पर रवाना पीएम मोदी

पिछले 45 सालों में पहली बार हो रहा ऐसा

पिछले 45 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली पोलैंड यात्रा है। पीएमओ द्वारा जारी पत्र में प्रधानमंत्री के हवाले से लिखा गया, 'मेरी पोलैंड यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हम अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं। पोलैंड मध्य यूरोप में एक प्रमुख आर्थिक भागीदार है। लोकतंत्र और बहुलवाद के प्रति हमारी पारस्परिक प्रतिबद्धता हमारे संबंधों को और मजबूत करती है। मैं साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अपने मित्र प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से मिलने के लिए उत्सुक हूं।'

आगे इस पत्र में प्रधानमंत्री की यूक्रेन यात्रा का भी जिक्र किया गया है। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन का दौरा कर रहे हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूक्रेन की पहली यात्रा होगी।

पोलैंड की यात्रा के बाद कीव जाएंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी पोलैंड की यात्रा समाप्त करने के बाद ट्रेन से यूक्रेन की राजधानी कीव जाएंगे, जिसमें लगभग 10 घंटे का समय लगेगा। इस यात्रा से भारत और यूक्रेन के बीच निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा मिलने की संभावना है और यह दोनों देशों के बीच मजबूत और अधिक जीवंत संबंधों की नींव रखने में सहायक होगी।

यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूक्रेन जाने की जानकारी देते हुए कहा, 'मैं राष्ट्रपति जेलेंस्की के निमंत्रण पर यूक्रेन का दौरा करूंगा। यह यात्रा उनके साथ पहले हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत-यूक्रेन मित्रता को गहरा करने का अवसर होगी। हम चल रहे यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर भी दृष्टिकोण साझा करेंगे। एक मित्र और भागीदार के रूप में, हम इस क्षेत्र में शीघ्र शांति और स्थिरता की वापसी की आशा करते हैं।'

विदेश मंत्रालय के एक बयान में जानकारी दी गई कि कीव में प्रधानमंत्री की मुलाकात के दौरान राजनीतिक, व्यापार, आर्थिक, निवेश, शिक्षा, सांस्कृतिक, लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान, मानवीय सहायता सहित द्विपक्षीय संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा होगी।

भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का माध्यम अपनाने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 14 जून को इटली के अपुलिया में 50वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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