PM Modi German Chancellor Meeting: फ्रांस के एवियन शहर में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और जर्मनी के रिश्तों को एक नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर (India Germany Strategic Partnership) फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बेहद अहम द्विपक्षीय बैठक की। इस साल दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ रही नजदीकी को साफ दर्शाती है।
यह बैठक इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि साल 2026 में भारत और जर्मनी अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस मौके पर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की नई रफ्तार पर खुशी जाहिर की।
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दोनों देशों का रक्षा और बिजनेस के क्षेत्र में बड़ा कदम
मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनी। व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया गया। इस बैठक के दौरान दो बड़े और अहम फैसले सामने आए।
पहला, डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप: दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक साझा रोडमैप पर दस्तखत किए हैं, जिससे सैन्य साजो-सामान बनाने में मदद मिलेगी।
दूसरा, ट्रांजिट वीजा में छूट: भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीयों के लिए वीजा छूट की व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं के सफल समापन की भी सराहना की गई।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि दुनिया के मौजूदा हालात पर भी गंभीर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के संकट सहित कई वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। अच्छी बात यह रही कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बनी आपसी समझ और शांति प्रयासों का स्वागत किया।
