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चीन तेजी से बढ़ा रहा ताकत: पेंटागन की रिपोर्ट में खुलासा, ड्रैगन के पास अब 500 से ज्यादा परमाणु हथियार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 22, 2023, 11:08 AM IST

Pentagon Report on China: पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि अब 500 से अधिक परमाणु हथियार हैं। और संभवत 2030 तक चीन परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाकर 1,000 से अधिक का लेगा। वहीं, चीन दूसरे देशों में सैन्य ठिकानों और नौसेना का भी तेजी से विस्तार कर रहा है।

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चीन बढ़ा रहा सैन्य ताकत

Photo : BCCL

Pentagon Report on China: चीन अपनी सैन्य ताकत में तेजी से इजाफा कर रहा है। यहां तक कि चीन के पास अब 500 से अधिक परमाणु हथियार भी हैं। इस बात का खुलासा पेंटागन की रिपोर्ट में किया गया है। दरअसल, पेंटागन की ओर से इसी सप्ताह चीनी सेना पर वार्षिक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट में पिछले वर्ष के दौरान चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा में हुए कुछ सबसे महत्वपूर्ण विकासों के बारे में बताया किया गया है।

पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि अब 500 से अधिक परमाणु हथियार हैं। और संभवत 2030 तक चीन परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाकर 1,000 से अधिक का लेगा। बता दें, पिछली रिपोर्ट में, पेंटागन ने अनुमान लगाया था कि बीजिंग के पास 2021 में 400 से अधिक ऑपरेशनल परमाणु हथियार होंगे।

चीन ने तीन नए साइलों क्षेत्रों का किया निर्माण

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने 2022 में अपने तीन नए साइलो क्षेत्रों का निर्माण पूरा कर लिया है। इसक बाद चीन के पास कम से कम 300 नए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) साइलो हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन पारंपरिक रूप से सशस्त्र अंतरमहाद्वीपीय-रेंज मिसाइल सिस्टम विकसित करने की संभावना तलाश रहा है, जिसके बाद चीन सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका चुनौती दे सकता है।

अन्य देशों में ठिकाने बना रहा चीन

चीन अपने वैश्विक सैन्य नेटवर्क का भी विस्तार कर रहा है। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने संभवतः बर्मा, थाईलैंड, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, नाइजीरिया, नामीबिया, मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप और ताजिकिस्तान जैसे देशों में सैन्य रसद सुविधाएं रखने पर भी विचार किया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चीन के पास पहले से ही दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है और यह और भी बढ़ रही है। चीन की नौसेना के पास 370 से अधिक जहाज और पनडुब्बियां हैं, जो पिछले वर्ष की रिपोर्ट में बताए गए 340 जहाजों से अधिक है। अनुमान लगाया गया है कि यह संख्या 2025 तक 395 जहाजों तक और 2030 तक 435 जहाजों तक बढ़ जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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