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Share Market Today: फेड के चाबुक और क्रूड की राहत के बीच झूल रहे Sensex-Nifty

शेयर बाजार में आज मिलाजुला कारोबार हो रहा है। बुधवार की तुलना में आज मार्केट ब्रेड्थ मजबूत है। हालांकि, बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी सपाट स्तर पर हरे और लाल निशान में झूल रहे हैं।

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शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार

Share Market Today : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 17 सितंबर को कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई। अमेरिकी Federal Reserve के ब्याज दर बढ़ाने और आगे भी सख्त रुख के संकेत के लिए नेगेटिव ट्रिगर हैं। वहीं, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में मामूली नरमी ने बाजार को कुछ राहत दी है। शुरुआती कारोबार में Nifty करीब 0.16% ऊपर 23,255 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि Sensex करीब 80 अंक की बढ़त के साथ 74,416 के स्तर के आसपास रहा।

हालांकि बाजार की शुरुआत सपाट रहने की उम्मीदों के मुकाबले तस्वीर थोड़ी बेहतर रही, लेकिन निवेशकों की नजर अब Fed के आगे के रुख, रुपये की चाल, कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर है। अमेरिकी Fed ने 16 सितंबर को ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की, जो 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। साथ ही केंद्रीय बैंक ने 2026 में एक और बढ़ोतरी की गुंजाइश के संकेत दिए हैं।

Nifty और Sensex का हाल

सुबह Nifty 23,255.65 पर था, जो पिछले क्लोजिंग लेवल 23,217.60 से 38.05 अंक यानी 0.16% ऊपर है। इंडेक्स ने 23,195.25 पर कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती दौर में 23,260.20 का हाई बनाया। इसी तरह Sensex भी शुरुआती कारोबार में 80.27 अंक यानी 0.11% की बढ़त के साथ 74,416.72 के आसपास रहा। इसका ओपन 74,182.62 रहा, जबकि शुरुआती हाई 74,417.08 और लो 74,163.95 दर्ज हुआ।

मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव

BSE और NSE पर ट्रेडिंग के आंकड़ों से मार्केट ब्रेड्थ मजबूत दिख रही है। NSE पर 1,308 शेयर बढ़त में, 971 शेयर गिरावट में और 184 शेयर बिना बदलाव के रहे। वहीं BSE पर 2,831 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 1,813 शेयर तेजी में, 837 गिरावट में और 181 शेयर स्थिर रहे। BSE पर 32 शेयरों ने 52-week high बनाया, जबकि 46 शेयर 52-week low पर पहुंचे।

Fed का फैसला क्यों बना बड़ा ट्रिगर?

बाजार के लिए सबसे बड़ा ग्लोबल ट्रिगर अमेरिकी Federal Reserve का फैसला है। Fed ने ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है और उसके संकेतों से यह संदेश गया है कि महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। इस फैसले के बाद अमेरिकी बाजार बुधवार को दबाव में रहे। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है, खासकर उन शेयरों पर जिनकी कमाई या वैल्यूएशन का बड़ा हिस्सा अमेरिका से जुड़ा है। IT सेक्टर पर शुरुआती दबाव इसी चिंता से जुड़ा माना जा रहा है। सुबह Nifty IT करीब 0.38% नीचे था। Fed के सख्त रुख से डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी नजर रहेगी। रुपये के लिए 96 प्रति डॉलर का स्तर भी अहम हो गया है। सुबह USD/INR 96.07 पर था, जो पिछले बंद 95.97 से 0.10% ऊपर है।

क्रूढसे मिली थोड़ी राहत

कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार सुबह मामूली नरमी देखने को मिली। Brent crude करीब 105.73 डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि WTI crude करीब 102.24 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। यह गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत की खबर है, क्योंकि लंबे समय तक ऊंचा crude भारत के आयात बिल, चालू खाते, रुपये और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है। बुधवार को भी तेल की कीमतों में नरमी ने घरेलू बाजार को कुछ सपोर्ट दिया था। लेकिन यहां राहत सीमित है।

इन सेक्टर्स में दिखी हलचल

सुबह के कारोबार में PSU Bank इंडेक्स करीब 0.48% ऊपर रहा। FMCG में 0.42%, Realty में 0.41%, Chemicals में 0.41%, Metal में 0.39% और Auto में 0.28% की बढ़त देखने को मिली। दूसरी तरफ IT इंडेक्स 0.38% नीचे था। Media में भी करीब 0.31% की गिरावट रही। Private Bank इंडेक्स करीब 0.10% नीचे कारोबार कर रहा था। इससे शुरुआती कारोबार में एक तरफ घरेलू खपत और चुनिंदा घरेलू-केंद्रित सेक्टर्स में खरीदारी दिख रही है, वहीं अमेरिकी दरों और डॉलर को लेकर संवेदनशील IT शेयरों पर दबाव नजर आ रहा है।

ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेत

एशियाई बाजारों में भी तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। सुबह Nikkei 225 करीब 0.47% ऊपर और KOSPI करीब 0.43% ऊपर था। Taiwan Weighted करीब 1.32% चढ़ा। वहीं Hang Seng 0.84% और Shanghai Composite करीब 0.36% नीचे था। अमेरिकी बाजार में Fed के फैसले के बाद दबाव देखने को मिला।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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