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Karachi Water Crisis: पाकिस्तान में हाहाकार! तीन दिनों से पानी की सप्लाई ठप, कराची में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

Karachi Water Crisis: पाकिस्तान के कराची में पानी का संकट जारी है। लोग पानी की एक बाल्टी के लिए भी तरस रहे हैं। पिछले तीन दिनों से यह संकट जारी है।

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कराची में पानी संकट (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

Karachi Water Crisis: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी के तौर पर पहचान रखने वाला कराची इस समय पानी संकट का सामना कर रहा है। लोग पानी के लिए बेहाल और नल सुखे पड़े हैं। मिली जानकारी के अनुसार कराची में बिजली बाधित होने से पिछले तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार सोमवार को शहर की चरमराई वाटर सप्लाई व्यवस्था को एक और बड़ा झटका लगा, जब के-इलेक्ट्रिक की मुख्य केबल में खराबी आने के कारण 'हब पंपिंग स्टेशन' से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। यह लगातार तीसरा दिन था जब कराची के मुख्य वाटर पंपिंग स्टेशनों पर बिजली गुल होने के कारण पूरे महानगर में पानी का वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉरपोरेशन (KWSC) के अनुसार, इस ताजा पावर फेलियर की वजह से शहर को रोजाना 8.5 करोड़ गैलन पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

जनता का फूटा गुस्सा

कराची पिछले दो महीनों से पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब भी शहर में कोई महत्वपूर्ण मौका या धार्मिक त्योहार आता है, तो पानी की किल्लत जानबूझकर और गंभीर हो जाती है। इस बार भी ईद-उल-अजहा के तीन दिनों के दौरान पूरे शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए, नलों में सूखा पड़ा है और पानी के टैंकरों (Bowsers) के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

तीन दिनों में कैसे हुआ 'सिस्टम फेल'?

कराची में पानी का यह संकट अचानक नहीं आया, बल्कि पिछले कुछ दिनों में के-इलेक्ट्रिक के सिस्टम में आई तकनीकी खराबियों का नतीजा है:

  • 30 मई की शुरुआत: धाबेजी ग्रिड स्टेशन के पावर ट्रांसफार्मर नंबर 1 में आई बड़ी खराबी को ठीक करने के लिए के-इलेक्ट्रिक ने अचानक इमरजेंसी शटडाउन ले लिया। इस शटडाउन के कारण धाबेजी पंपिंग स्टेशन की 21 में से 10 पंपिंग यूनिट्स ने काम करना बंद कर दिया, जिससे कई इलाकों की सप्लाई कट गई।
  • शनिवार तड़के का संकट: शनिवार तड़के 3:27 बजे नॉर्थ ईस्ट कराची (NEK) वाटर पंपिंग स्टेशन की बिजली गुल हो गई। मुख्य केबल की खराबी के कारण 'K-II' पंपिंग स्टेशन का काम रुक गया, जिससे शहर में तुरंत 5.4 करोड़ गैलन पानी की कमी हो गई।
  • बढ़ता गया नुकसान: हालांकि बाद में बिजली बहाल कर दी गई और K-II व K-III स्टेशनों पर काम सामान्य हो गया, लेकिन इस एक दिन की रुकावट के कारण शहर को कुल 12.2 करोड़ गैलन (122 MGD) पानी का संचयी (Cumulative) नुकसान उठाना पड़ा।
  • सोमवार का आखिरी झटका: इसके बाद सोमवार को 'हब पंपिंग स्टेशन' भी बिजली गुल होने के कारण बंद हो गया, जिसने संकट को और ज्यादा गंभीर बना दिया।

कब आएगा पानी, कोई समय सीमा तय नहीं!

इस पूरे संकट में कराची के नागरिकों के लिए सबसे परेशान करने वाली बात वाटर कॉरपोरेशन (KWSC) का बयान है। कॉरपोरेशन ने शनिवार शाम को एक बयान जारी कर इस नए संकट की घोषणा तो की, लेकिन वे यह बताने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं कि शहर में पानी की सामान्य आपूर्ति कब तक बहाल हो पाएगी। बिना किसी टाइम फ्रेम (समय सीमा) के छोड़े गए इस बयान ने कराची के करोड़ों नागरिकों को अधर में लटका दिया है। फिलहाल लोग पानी के टैंकरों के भरोसे हैं और के-इलेक्ट्रिक और वाटर कॉरपोरेशन के इस 'मिसमैनेजमेंट' की भारी कीमत चुका रहे हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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