NEET UG Result 2026: ये 7 गलतियां बिल्कुल न करें, वरना एडमिशन में हो सकती है परेशानी

नीट यूजी रीएग्जाम 2026 का परिणाम जारी हो गया है। रिजल्ट आते ही खुशी भी है और टेंशन भी। कुछ के नंबर उम्मीद से ज्यादा आए, कुछ के कम। अगर आपके भी नंबर कम आए हैं, तो इस बारे में एक बार जरूर सोचिए - सिर्फ नंबर से भविष्य तय नहीं होता। रिजल्ट के बाद लिया गया फैसला सबसे ज्यादा मायने रखता है। इन 7 गलतियों से अगर आप बचेंगे, तो बाद में पछताना नहीं पड़ेगा।

Authored by: Neelaksh SinghUpdated Jul 18 2026, 09:47 IST
कम नंबर आए तो "ड्रॉप" न सोचें01 / 07

कम नंबर आए तो "ड्रॉप" न सोचें

स्कोर कम देखकर तुरंत ये नहीं सोचना चाहिए कि "अब तो साल खराब है"। पहले अपनी AIR, कैटेगरी और पिछले साल के कटऑफ चेक करें। कई बार कम स्कोर पर भी सरकारी/प्राइवेट कॉलेज मिल जाता है। ठंडे दिमाग से लिस्ट बनाएं, फिर फैसला लें। (Image - cHatGPT)

काउंसलिंग की डेट न भूलेंImage Credit : Canva02 / 07

काउंसलिंग की डेट न भूलें

AIQ हो या स्टेट काउंसलिंग - रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट, रिपोर्टिंग... हर स्टेप की तारीख फिक्स होती है। एक डेट भी मिस हुई तो सीट हाथ से निकल जाएगी। फोन में अलार्म लगा लें और ऑफिशियल साइट रोज चेक कें।

दोस्तों से तुलना करना बंद करेंImage Credit : Canva03 / 07

दोस्तों से तुलना करना बंद करें

किसी दोस्ता का स्कोर 650 आया, लेकिन आपका 520 ही आया" - ये सोचकर डिमोटिव मत हों। हर किसी की कैटेगरी, रैंक, स्टेट अलग है। कोई NRI सीट लेगा, कोई डोमिसाइल से। अपनी लड़ाई खुद लड़ें, दूसरों का स्कोर देखकर टेंशन न लें।

सिर्फ कटऑफ देखकर कॉलेज मत चुनेंImage Credit : Canva04 / 07

सिर्फ कटऑफ देखकर कॉलेज मत चुनें

प्रैक्टिकल कहां होगी? फैकल्टी और फीस ठीक है क्या? इंटर्नशिप का क्या सीन है? आपको कई सालों तक एक कोर्स में रहना है इसलिए 5 मिनट में डिसाइड मत करें।

चॉइस फिलिंग में जल्दी मत करेंImage Credit : Canva05 / 07

चॉइस फिलिंग में जल्दी मत करें

काउंसलिंग का सबसे जरूरी स्टेप है चॉइस फिलिंग। 3 तरह के कॉलेज रखें: Dream - टॉप वाले, Realistic - जहां मिलने के चांस हैं और तीसरा Safe - जहां पक्का मिल जाए। इसके अलावा दोस्त की कॉपी मत करें। अपनी रैंक के हिसाब से चॉइस फिलिंग भरें।

इमोशन में आकर ड्रॉप मत लेंImage Credit : Canva06 / 07

इमोशन में आकर ड्रॉप मत लें

ड्रॉप लेना छोटा फैसला नहीं होता, इसलिए बहुत सोचने की जरूरत है। अगर 1 साल दोबारा देना है, तो पहले खुद से पूछो: "पिछली बार कहां गलती हुई? क्या मैं 1 साल और 100% दे पाऊंगा?" अगर हां, तो प्लान बनाकर लग जाएं। अगर मन नहीं है तो जबरदस्ती मत करें।

MBBS ही सब कुछ नहीं है अगर MBBS के चांस कम हैं तो गेम ओवर नहीं होताImage Credit : Canva07 / 07

MBBS ही सब कुछ नहीं है अगर MBBS के चांस कम हैं तो गेम ओवर नहीं होता

BDS, BAMS, BHMS, B.Sc Nursing, BPT, Allied Health में भी बहुत स्कोप है। डॉक्टर बनने के कई रास्ते हैं। एक बंद हुआ तो दूसरा पता करें।

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