US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के चाबहार के शहीद कलंतरी बंदरगाह पर स्थित एक अहम ईरानी निगरानी केंद्र पर सटीक हमला किया। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार को इस हमले का वीडियो जारी किया।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह टावर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल दशकों से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की निगरानी और उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जाता था।
'IRGC की क्षमता हुई कमजोर'
अमेरिकी सेना ने कहा कि इस कार्रवाई से आईआरजीसी की समुद्री निगरानी और हमलों के समन्वय की क्षमता कमजोर हुई है। साथ ही, दावा किया गया कि यह अभियान क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए किया गया है। ईरान के मुताबिक, इस टावर का चाबहार बंदरगाह पर आवाजाही वाले वाणिज्यिक जहाजों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
'शहीद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित'
अमेरिकी हमलों की रिपोर्ट्स के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चाबहार पोर्ट पर स्थित भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चाबहार पोर्ट के संबंध में अमेरिका द्वारा पहले एक छूट दी गई थी, जिसकी अवधि कुछ समय पहले समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से भारत इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
विदेश मंत्रालय का बयान ऐसे समय पर आया जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बंदरगाह के आसपास विस्फोट हुए हैं और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी सोशल मीडिया पर हमलों से जुड़ी तस्वीरें साझा की थीं और अब अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने चाबहार पोर्ट पर की गई एयर स्ट्राइक का वीडियो साझा किया है।
