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चीन-पाकिस्तान के लिए बुरी खबर! भारत में बनेंगे 94 राफेल फाइटर जेट, फ्रांस के साथ होगी मेगा डील

Rafale Fighter Jet: भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की एक बड़ी रक्षा डील अंतिम चरण में पहुंच गई है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के फ्रांस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बातचीत तेज हो गई है और भारत जल्द ही फ्रांस को औपचारिक लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) सौंप सकता है। यह सौदा पूरी तरह सरकार-से-सरकार (Government-to-Government) आधार पर होगा, जिसमें किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं होगी।

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भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील जल्द मुहर लगने जा रही है। AI IMAGE

Rafale Fighter Jet: भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील जल्द मुहर लगने जा रही है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह तीन दिनों के फ्रांस दौरे पर हैं। यहां वे राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन समेत रक्षा उद्योग के प्रमुख अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

भारत जल्द ही 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद के लिए फ्रांस को औपचारिक लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) सौंप सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा और जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले दोनों देशों के बीच इस सौदे को लेकर बातचीत चल रही है।

रक्षा मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से 'गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट' (दोनों सरकारों के बीच) होगी, जिसमें किसी भी बिचौलिए की भूमिका नहीं होगी। इस मेगा डील की सबसे बड़ी खास बात यह है कि कुल 114 विमानों में से 94 राफेल जेट का निर्माण 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारत में ही किया जाएगा।

पहली बार फ्रांस के बाहर राफेल का होगा निर्माण

इसके लिए फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी 'दसौ एविएशन' (Dassault Aviation) एक भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी करेगी, जिससे देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को एक अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। यह इतिहास में पहली बार होगा जब राफेल लड़ाकू विमानों का निर्माण फ्रांस से बाहर किसी दूसरे देश में किया जाएगा, और इस परियोजना में करीब 50 प्रतिशत तक स्थानीयकरण (स्वदेशी पुर्जों का उपयोग) होगा।

फ्रांस सरकार की ओर से अगले दो से तीन महीनों में भारत के इस पत्र (LoR) का जवाब मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक बातचीत शुरू होगी और अगले एक साल के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

देश में 42 फाइटर स्क्वाड्रन की जरूरत

वायुसेना की आवश्यकता 42 फाइटर स्क्वाड्रन की मानी जाती है, लेकिन वर्तमान में उसके पास केवल 29 स्क्वाड्रन ही एक्टिव हैं। पाकिस्तान औ चीन, दोनों मोर्चों पर संभावित चुनौती को देखते हुए स्क्वाड्रन को जल्द से जल्द बढ़ाने की जरूरत है।

भारत पहले ही वायु सेना और नौसेना के लिए 62 राफेल विमानों का ऑर्डर दे चुका है, और इस नए 114 विमानों के सौदे के बाद भारत के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 से अधिक हो जाएगी। इस रक्षा सौदे के तहत भारत को विमान के सॉफ्टवेयर सोर्स कोड और इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट्स तक पूरी पहुंच मिलेगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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