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Sonam Wangchuk: 'मेरी सहमति के बिना जबरदस्ती उनके मुंह या नस के जरिए कोई भी...', सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या की मांग?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बिगड़ती तबीयत के बाद दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई का प्रदर्शनकारी विरोध कर रहे हैं। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से अनुरोध किया है कि उनकी, परिवार और पिछले 20 दिनों से स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना सोनम वांगचुक को न तो मुंह से कोई दवा या भोजन दिया जाए और न ही IV के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए।

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सोनम वागंचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई पुलिस। ANI

Photo : ANI

Sonam Wangchuk: पिछले 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई। हालांकि, पुलिस के इस एक्शन का प्रदर्शनकारी भारी विरोध कर रहे हैं। उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी सेहत को लेकर गीतांजलि जे. आंग्मो ने जानकारी दी है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि वह अस्पताल पहुंच चुकी हैं और डॉक्टरों से अनुरोध किया है कि उनकी, परिवार और पिछले 20 दिनों से वांगचुक की निगरानी कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से कोई दवा या भोजन और न ही नस (IV) के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए।

'सोनम को जबरदस्ती खिलाने की कोशिश न हो'

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम वांगचुक भर्ती हैं। मेरी, उनके परिवार और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत की निगरानी कर रहे डॉक्टरों की अनुमति के बिना उन्हें न तो मुंह से कुछ दिया जाए और न ही इंट्रावीनस (IV) के जरिए कोई दवा या फ्लूइड दिया जाए।"

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सोनम वांगचुक का इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

डॉक्टरों ने क्या दिया अपडेट?

अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सोनम वांगचुक के अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उनका होइपोटेंसिव एवं हाइपग्लीकेमिक ईसीजी नॉर्मल आया है। बता दें कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रदर्शन खत्न नहीं होगा। वांगचुक की जगह अब वह अनशन पर बैठेंगे। 20 जुलाई को सीजेपी का संसद मार्च भी होगा।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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