दुनिया

Imran Khan की गिरफ्तारी को पाकिस्‍तान सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया गलत, NAB को लगाई फटकार

Imran Khan Arresting Updates : पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की गिरफ्तारी के बाद से हालात बिगड़ गए हैं। इसी बीच वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की गिरफ्तारी को अमान्‍य घोषित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को रद्द करने का आदेश दिया।

Image

इमरान खान।

Photo : BCCL

Imran Khan Arresting Updates : पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की गिरफ्तारी के बाद से हालात बिगड़ गए हैं। इसी बीच बड़ी खबर सामने आई कि वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की गिरफ्तारी को अमान्‍य घोषित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बयान देते हुए कहा कि पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी गलत है और इसे रद्द करने का ऐलान कर दिया। बता दें कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को पेश करने के आदेश दिए थे, उसके बाद से इस मामले के घटनाक्रम में काफी बदलाव देखने को मिले। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि इमरान को साढ़े चार बजे पेश किया जाए, लेकिन वे उसके काफी समय के बाद कोर्ट पहुंचे। उनकी बुलेटप्रूफ मर्सिडीज कार के साथ आठ गाड़ियां और भी मौजूद थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट के बाहर बड़ी संख्‍या में सुरक्षाबल तैनात किया गया था।

शहबाज सरकार को लगा तगड़ा झटका

पाकिस्‍तान की सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए आदेश दिया था कि एक घंटे के अंदर उन्‍हें पेश किया जाए। वहीं, कोर्ट ने एनएबी को फटकार लगाते हुए ये भी कहा कि एनएबी ने कोर्ट के आदेश की अवमानना की। वहीं, पाकिस्‍तान के कई पैनलिस्‍ट्स ने सुप्रीम कोर्ट के इस रवैये को शहबाज सरकार के लिए झटका बताया। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक, पीएम शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक रखने का आदेश दिया है, जिसमें सशस्‍त्र बलों के चीफ ही हिस्‍सा लेंगे।

एनएबी को लगाई लताड़

पाकिस्‍तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट के विरुद्ध जाते हुए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। उस याचिका में कहा गया था कि नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) के चेयरमैन ने गिरफ्तारी का जो वारंट जारी किया है वो पूरी तरह से अमान्‍य है। कोर्ट में न्‍यायमूर्ति मिनल्लाह ने सुनवाई करते हुए एनएबी को लताड़ लगाई और पूछा, "एनएबी ने लॉ को हाथ में क्यों लिया? उन्‍होंने कहा कि एनएबी अगर आईएचसी रजिस्ट्रार से परमिशन मांगता तो ये ज्‍यादा उचित होता।" न्‍यायमूर्ति मिनल्लाह ने हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश को लेकर कहा कि पाकिस्‍तान के हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और उन्‍हें इसका प्रावधान सुनिश्चित करना था। जज ने कहा कि इस वक्‍त मुल्‍क में जो हालात पैदा हो गए हैं, वे काफी दुखद हैं।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ता author

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के... और देखें

End of Article