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Imran Khan : नई मुसीबत में इमरान खान, 6 और मामले हुए दर्ज

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jul 6, 2023, 09:47 PM IST

Imran Khan : जिओ न्यूज की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इमरान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जांच संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) कर रही है। सूत्रों ने बताया कि खान के खिलाफ तीन केस नौ मई को दर्ज हुए जबकि तीन अन्य केस 10 मई को एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत दर्ज हुए।

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इमरान खान के ऊपर छह और केस दर्ज हो गए हैं।

Photo : AP

Imran Khan : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। अब वह छह मामलों में नामजद किए गए हैं। इनमें से तीन केस एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत दर्ज हुए हैं। ये सभी मामले गत 9 मई को रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय पर हमले से जुड़े हैं। प्रदर्शनों के दौरान इमरान के समर्थकों ने देश भर में कई जगहों पर आगजनी की और सरकारी इमारतों एवं कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया।

राजनीति से प्रेरित हैं ये मामले-इमरान

जिओ न्यूज की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इमरान के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जांच संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) कर रही है। सूत्रों ने बताया कि खान के खिलाफ तीन केस नौ मई को दर्ज हुए जबकि तीन अन्य केस 10 मई को एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत दर्ज हुए। वहीं, अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों को इमरान ने राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उनका दावा है कि राजनीति के दूर करने के लिए उनके खिलाफ साजिश की गई है। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के मुखिया सेना एवं शहबाज सरकार पर अपनी हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगा चुके हैं।

इमरान पर दर्ज हो चुके हैं 150 केस

गत अप्रैल में सत्ता से बाहर होने के बाद इमरान खान ने चुनाव कराए जाने की मांग करते हुए देश भर में विरोध-प्रदर्शन किए हैं। इसके बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों एवं अन्य मामलों में उनके खिलाफ देश भर में करीब 150 केस दर्ज हो चुके हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में इमरान की गिरफ्तारी होने पर पीटीआई के कार्यकर्ता गत नौ मई को सड़कों पर आ गए और देश भर में भारी हिंसक प्रदर्शन किया। सेना मुख्यालय सहित लाहौर में सेना के कमांडरों के आवासों को निशाना बनाकर हमले हुए।

सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया

प्रदर्शनकारियों ने लाहौर में जिन्ना के आवास को भी नहीं बख्शा। पाकिस्तान में करीब तीन दिनों तक पीटीआई समर्थकों ने उत्पात मचाया। उन्होंने रेडियो पाकिस्तान एवं अन्य सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया। हिंसक प्रदर्शनों के मामले में शहबाज सरकार अब कार्रवाई कर रही है। नौ मई के बाद पीटीआई के कई नेता इमरान खान का साथ छोड़ चुके हैं। इन नेताओं ने हिंसक प्रदर्शनों का समर्थन नहीं किया है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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