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नासा ने भी माना जुलाई 2023 रहा 19वीं सदी के बाद का सबसे गर्म महीना, अगले साल दिखेगा असर

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 16, 2023, 11:57 AM IST

नासा का गोडार्ड इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस स्टडीज (GISS) इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि जुलाई 2023 19वीं सदी के बाद से पृथ्वी पर सबसे गर्म महीना था।

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July 2023 Hottest Month

Photo : iStock

July 2023 Hottest Month: यूरोप-अमेरिका में इस साल पड़ी प्रचंड गर्मी के बीच आंकड़ों से साफ हो गया है कि जुलाई 2023, 19वीं सदी के बाद का सबसे गर्म महीना रहा। जुलाई में पूरे यूरोप और अमेरिका में गर्मी से हाहाकार मचा रहा और कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ी। नासा का गोडार्ड इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस स्टडीज (GISS) इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि जुलाई 2023 19वीं सदी के बाद से पृथ्वी पर सबसे गर्म महीना था। यह किसी भी अन्य जुलाई महीने की तुलना में 0.24 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहा। 1951 और 1980 के बीच जुलाई के औसत तापमान की तुलना में 1.18 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहा। पिछली बार ग्रह इतना गर्म 1880 में था।

जुलाई 2023 अब तक का सबसे गर्म महीना

यूरोपीय संघ की जलवायु वेधशाला ने भी पुष्टि की कि जुलाई 2023 पृथ्वी पर अब तक का सबसे गर्म महीना था। नासा प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि नासा का डेटा पुष्टि करता है कि दुनिया भर के अरबों लोगों ने वास्तव में क्या महसूस किया। जुलाई 2023 में अत्याधिक तापमान ने इसे सबसे गर्म महीना बना दिया। देश के हर कोने में अमेरिकी अभी जलवायु संकट के प्रभावों को स्पष्ट रूप से अनुभव कर रहे हैं, जो राष्ट्रपति बिडेन के ऐतिहासिक जलवायु एजेंडे की जरूरत को दर्शाता है।' उन्होंने कहा कि हमें अपने ग्रह की रक्षा के लिए अभी से काम करना चाहिए।

औसत से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि

औसत से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ दक्षिण और उत्तरी अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका और अंटार्कटिक प्रायद्वीप के हिस्से विशेष रूप से गर्म रहे। अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों में से एक के अनुसार, मानव जनित कारणों, जिसमें ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन शामिल है, ग्रह पर असर डालने की अहम वजह है। हालांकि, तापमान में मौजूदा वृद्धि को पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र के गर्म होने के कारण पैदा हुए अल नीनो (El Nino) के प्रभाव को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। जीआईएसएस के निदेशक गेविन श्मिट ने कहा कि अल नीनो का सबसे बड़ा प्रभाव अगले साल होने की संभावना है।

गेविन श्मिट ने कहा, दुनिया भर में चिंताजनक वार्मिंग मुख्य रूप से इंसानों द्वारा पैदा की गई है। प्रमुख कारण हैं ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन। औसत तापमान में वृद्धि अत्यधिक गर्मी को बढ़ावा दे रही है जिसका सामना दुनिया भर में लोग कर रहे हैं। तापमान में इस तरह की वृद्धि से चक्रवात, सूखा और जंगल की आग जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाएं पैदा हो रही हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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