US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए सिरे से किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी बड़ा पलटवार किया है। ईरान की ओर से दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों के बाद खाड़ी देश बहरीन और कतर में तड़के मिसाइल अलर्ट के सायरन गूंजने लगे। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने देशव्यापी आपातकालीन सायरन बजाकर अपने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों और बंकरों में शरण लेने की अपील की है।

बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने किया पोस्ट
इन हमलों को लेकर ईरानी संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया कि
"अमेरिका ने अब तक यह नहीं सीखा है कि दबंगई दिखाने और अपने वादे तोड़ने की कीमत अब बिना चुकाए नहीं बची जा सकती। मैं साफ़ शब्दों में कहता हूं: यदि आप हमला करेंगे, तो जवाब भी मिलेगा।
बेकार में हाथ-पांव मत मारिए, वरना आप और गहरे फंसेंगे। हॉर्मुज जलडमरूमध्य केवल 'ईरानी व्यवस्थाओं' के तहत ही खुला रहेगा, अमेरिकी धमकियों के आधार पर नहीं।"

गालिबाफ का पोस्ट
अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना
इस नए विवाद की शुरुआत तब हुई जब ओमान के तट और होर्मुज ईरान द्वारा तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के तटीय प्रांत होर्मोजगान और माहशहर में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर वाले शहर बुशहर, चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सीरिक बंदरगाह जैसे रणनीतिक ठिकानों पर 80 से अधिक हमले किए। इस दौरान ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की 60 से ज्यादा सैन्य नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया गया है।
ईरान ने भी किया पलटवार
इन अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी सेना ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय, सलमान पोर्ट और कुवैत के अली अल सालेम एयर बेस सहित कुल 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। ईरानी स्टेट मीडिया IRIB ने अमेरिकी ठिकानों पर दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों के फुटेज भी जारी किए हैं।
वैश्विक तेल संकट गहराने का डर
बता दें कि हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है, जहां से वैश्विक स्तर पर व्यापार होने वाले कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का 20% गुजरता है। इस क्षेत्र में 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से ही तनाव बना हुआ था, जो इस ताजा गोलाबारी के बाद बेहद विस्फोटक हो गया है। फिलहाल बहरीन, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों में भारी नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरा क्षेत्र इस समय युद्ध के मुहाने पर खड़ा है।
